संस्कृत शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग तेज, शिक्षा निदेशक से मिला प्रतिनिधिमंडल
उत्तर प्रदेश के राजकीय एवं माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में वर्षों से मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति...
'संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति' ने वर्षों से मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की उठाई मांग
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के राजकीय एवं माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में वर्षों से मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति का प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं संस्कृत शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रताप सिंह बघेल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के लंबे समय से लंबित नियमितीकरण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए स्थायी नीति लागू करने की मांग की।
बैठक के दौरान शिक्षा निदेशक ने समिति की मांगों को गंभीरता से सुना और इस विषय पर सकारात्मक एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। समिति ने कहा कि वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत संस्कृत शिक्षक भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष राजीव मिश्रा, महामंत्री रवीन्द्र मिश्र एवं कोषाध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला प्रमुख रूप से शामिल रहे। उन्होंने शिक्षकों की आर्थिक, सामाजिक और सेवा संबंधी समस्याओं से शिक्षा निदेशक को अवगत कराया।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजीव मिश्रा ने कहा कि समान कार्य करने वाले शिक्षकों को समान सम्मान और स्थायी सेवा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से जल्द नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति की इस पहल को प्रदेश के मानदेय संस्कृत शिक्षकों के लिए उम्मीद की नई किरण माना जा रहा है। अब शिक्षकों की निगाहें शासन के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।
रिपोर्ट : अखिलेश सिंह गौर...
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