बांदा में आत्महत्या रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल
जनपद में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिलाधिकारी अमित आसेरी...
- मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान शुरू, संदिग्ध मामलों की होगी काउंसलिंग
- डीएम अमित आसेरी के निर्देश पर आत्महत्या रोकथाम हेतु SOP लागू
- आशा, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ करेंगे जोखिम वाले लोगों की पहचान
- “मैं जीना नहीं चाहता” जैसे संकेतों को गंभीरता से लेने की अपील
- बांदा में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर हेल्पलाइन और काउंसलिंग व्यवस्था मजबूत
- आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रशासन सतर्क, जारी किए हेल्पलाइन नंबर
- जिला अस्पताल के मनकक्ष में मिलेगी विशेषज्ञ काउंसलिंग सुविधा
बांदा। जनपद में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिलाधिकारी अमित आसेरी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आत्महत्या की प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की पहचान, काउंसलिंग और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की गई है।
इस नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग की आशा, एएनएम एवं पैरामेडिकल टीम गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगी। साथ ही ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जिनमें आत्महत्या की प्रवृत्ति या मानसिक तनाव के संकेत दिखाई देते हैं, ताकि समय रहते उन्हें चिकित्सकीय सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति “मैं जीना नहीं चाहता” जैसी बातें करे, स्वयं को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करे, पहले आत्महत्या का प्रयास कर चुका हो या बार-बार आत्महत्या के विचार व्यक्त कर रहा हो, तो इसे गंभीर संकेत मानते हुए तत्काल सहायता लेनी चाहिए। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति के पास कोई हानिकारक वस्तु या पदार्थ हो, तो भी परिवारजन और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आपातकालीन सहायता के लिए प्रशासन ने विभिन्न हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेतु टेली-मानस हेल्पलाइन 14416, एम्बुलेंस सेवा 108, पुलिस सहायता 112 तथा महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर ऐसे व्यक्तियों को जिला चिकित्सालय पुरुष बांदा के मनकक्ष संख्या-04 में काउंसलिंग के लिए भेजा जाएगा, जहां मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी अमित आसेरी की इस पहल को जनपद में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आत्महत्या जैसी गंभीर सामाजिक समस्या की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान संवेदनशील व्यक्तियों को समय पर सहायता दिलाने के साथ-साथ समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
