जनपद में तीसरी बार संपन्न हुई विधिक दत्तक ग्रहण प्रक्रिया
जनपद में बाल संरक्षण और निराश्रित बच्चों के पुनर्वासन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है..
वर्ष 2022 से पंजीकरण कराकर चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भावी दत्तक माता के आंगन में गूंजी किलकारी
चित्रकूट। जनपद में बाल संरक्षण और निराश्रित बच्चों के पुनर्वासन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम एवं दत्तक ग्रहण विनियम के अंतर्गत संचालित विशेषीकृत राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई के माध्यम से तीसरी बार एक बच्ची को कानूनी रूप से गोद दिए जाने की विधिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
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डीएम पुलकित गर्ग के निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता के पर्यवेक्षण में बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में इस विधिक प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। डीएम ने कलेक्ट्रेट में आए भावी दत्तक माता से आवश्यक पूछताछ की और सभी कानूनी व प्रशासनिक दस्तावेजों का गहन सत्यापन करने के बाद एक आधिकारिक आदेश के तहत बच्ची को उन्हें सुपुर्द किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में ऑनलाइन आवेदन किया था। पिछले चार वर्षों के लंबे इंतजार और धैर्य के बाद डीएम के विधिक आदेश से इस परिवार का सपना साकार हुआ और उनके आंगन में एक नई किलकारी गूंजी। बच्ची को अपने आंचल में पाकर भावी दत्तक माता और उनके परिवार को बहुत खुशी हुई। इस महत्वपूर्ण विधिक कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने में बाल संरक्षण अधिकारी सौरभ सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशांत शुक्ला एवं विशेषीकृत राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई के अधीक्षक कमलेश रैक्वार उपस्थित रहे।
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