डीएम ने रामायण मेला हॉल के सौन्दर्यीकरण का किया निरीक्षण
डीएम पुलकित गर्ग ने मंगलवार को राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर एवं रामायण मेला हॉल के सौन्दर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया...
कार्यदाई संस्था को उच्च गुणवत्ता व समय पर निर्माण पूरा करने के दिए निर्देश
चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग ने मंगलवार को राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर एवं रामायण मेला हॉल के सौन्दर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यदाई संस्था के सहायक अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि रामायण मेला हॉल के सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए शासन 148.17 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई थी। जिसके सापेक्ष 139.49 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है तथा 83.69 लाख की धनराशि व्यय की गई है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा नामित कार्यदाई संस्था सी एंड डी एस को निर्देश दिए कि कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा अवशेष कार्यों को 15 दिवस में पूर्ण कराए।
निर्माण में परिसर में पूर्व में बिछाई गई इंटरलॉकिंग को उखाड़कर निर्धारित डिजाइन एवं एकरूप पैटर्न के अनुरूप पुनः लगाया जाए। रामायण मेला हॉल के ग्रीन रूम में पेंटिंग का कार्य, ग्रीन रूम एवं अन्य वॉशरूमों में टाइल्स एवं शेष फिनिशिंग कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएँ। फर्नीचर की उपलब्धता एवं स्थापना का कार्य, मुख्य मंच पर लगाए गए ग्रेनाइट में जहां लेवल में अंतर पाई गई है वहाँ तकनीकी परीक्षण कर ठीक करते हुए ग्रेनाइट को बदलकर पुनः लगाने, प्रस्तावित कोटा स्टोन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने, परिसर के बाहरी भाग में निर्मित म्यूरल वॉल को अधिक आकर्षक एवं उभारयुक्त स्वरूप प्रदान करते हुए चारों ओर पत्थर की कलात्मक कटिंग एवं फिनिशिंग, रामायण मेला परिसर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में इंटरलॉकिंग का कार्य, परिसर में लगाए जाने वाले साइनेज इस प्रकार विकसित किए जाएँ कि उनमें भगवान श्रीराम, रामायण, चित्रकूट एवं राष्ट्रीय रामायण मेला की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर से संबंधित प्रेरणादायी शब्दों एवं संदेशों का समावेश हो। राष्ट्रीय रामायण मेला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा गैलरी क्षेत्र में स्टाम्प कंक्रीट एवं आगंतुकों के बैठने के लिए बेंच स्थापित किए जाने का सुझाव दिया। जिस पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश कार्यकारी संस्था को दिए गए। परिसर में पूर्व में कराई गई पेंटिंग का परीक्षण कर जहाँ आवश्यक हो वहाँ उसका मरम्मत एवं पुनः रंगरोगन कराया जाए। अन्य सभी अवशेष एवं सुधारात्मक कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराते हुए कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर चित्रकूट की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में सभी निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य उच्च गुणवत्ता, निर्धारित मानकों एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिससे देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। निरीक्षण के दौरान रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया, पर्यटन विभाग से संबंधित अधिकारी, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय रामायण मेला समिति के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
