लगातार हुई बारिश से बाढ़ का कहर, चहुंओर दिखा तबाही का मंजर
लगातार हुई बारिश से मंदाकिनी नदी इस वर्ष 2003 की बाढ़ को पार कर गई। इससे जनपद के कई गांवों का संपर्क तो टूटा ही मुख्यालय से कई स्थानों का आवागमन भी ठप हो गया...
राहत कार्य में जुटा प्रशासन, बाढ़ प्रभावित लोगों को पहुंचाई राहत सामग्री
डीएम-एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
चित्रकूट। लगातार हुई बारिश से मंदाकिनी नदी इस वर्ष 2003 की बाढ़ को पार कर गई। इससे जनपद के कई गांवों का संपर्क तो टूटा ही मुख्यालय से कई स्थानों का आवागमन भी ठप हो गया। बाढ़ के देर रात न सिमटने पर लोग भय के चलते रातभर जागते रहे। मंदाकिनी का जल स्तर उतरने के बाद मलबा हर जगह फैल गया। जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने सिल्ट को साफ कराने के लिए युद्ध स्तर पर कर्मचारियों को लगाया। बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर डीएम-एसपी ने हर संभव मदद पहुंचाया।
इस वर्ष कई बार मंदाकिनी नदी उफान पर आई। 29 अगस्त को नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। मंदाकिनी नदी से सटे क्षेत्र जलमग्न हो गए। बाढ़ में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ टीम के अलावा हेलीकाप्टर से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रविवार को डीएम पुलकित गर्ग व एसपी अरुण कुमार सिंह टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाया जाए। मंदाकिनी के बाढ़ के चलते प्रशासन के अलावा जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित किया। सांसद कृष्णा देवी पटेल पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल के साथ चित्रकूट, तरौंहाा, राजापुर आदि क्षेत्रों में पहुंच पीड़ित परिवारों से भेंट किया और उन्हे राहत सामग्री दिया। सदर विधायक अनिल प्रधान सीतापुर, तरौंहा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित लोगोां को राहत सामग्री बांटी।
घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर बनाया आशियाना
मंदाकिनी नदी के उफान से तरौंहा स्थित पुल के ऊपर से पानी गुजरने से गांव के कई इलाकों में पानी भर गया। जिससे लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरा आशियाना बनाना पड़ा। गांव के चारो ओर से बाढ़ का पानी भर रहा था। ऐसे में लोग दहशत में नजर आए। लोगों को ऊचे स्थानों पर आशियाना बनाना पड़ा। तरौंहा, गोबरिया मार्ग पर बने पुल के ऊपर पानी चलने से क्षतिग्रस्त हो गया। रविवार को ठेकेदार रामबाबू गुप्ता वहां पहुंचे और आनन फानन पुल के अगल बगल कटी मिट्टी व क्षतिग्रस्त भाग को ठीक कराने में जुट गए।
पूरी तरह नष्ट हो गई सब्जी की फसल
मंदाकिनी नदी का जल स्तर बढ़ने से तरौंहा गांव में सैकड़ों बीघे में होने वाली सब्जी पूरी तरह बरबाद हो गई। जिससे सब्जी पैदावार करने वाले लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। सब्जियों के दाम भी बढ़ने के आसार हो गए हैं।
बिजली-पानी का खड़ा हुआ संकट
मंदाकिनी नदी के उफान से मुख्यालय सेसटे तरैंहा, पुरानी बाजार, जिला अस्पताल के अलावा कई क्षेत्रों में बिजली-पानी का संकट खड़ा हो गया।
पुल के मरम्मत में जुटा सेतु निर्माण विभाग
मंदाकिनी का जल स्तर तीव्रता से बढ़ने पर कर्वी-बांदा मार्ग के पुल के ऊपर पानी आने से आवागमन ठप कर दिया। तेज बहाव के चलते पुल के अगल बगल के पोर्च पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। रविवार को प्रशासन ने भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया। सेतु निर्माण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सुबह से मरम्मत कार्य में जुट गए। छोटे वाहनों को वन वे रूट बनाकर आवागमन सुचारू कराया गया। जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हुई।
मप्र सीएम ने बाढ़ प्रभावित को बंधाया ढ़ाढ़स
मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप के बाद रविवार को तबाही का मंजर देखने को मिला। पानी का बहाव तेज होने से मप्र क्षेत्र का एक पुल ढह गया। इसके अलावा उप्र क्षेत्र के कई रपटे, पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों के घर, टीन टप्पर बह गए। मप्र के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव बाढ़ पीड़ितों से मिलकर ढ़ाढ़स बंधाया। इस दौरान पीड़ितों का दर्द झलक उठा। कहा कि इतनी बाढ़ में प्रशासन ने भोजन-पानी की कोई व्यवस्था नहीं की। सूचना के बावजूद नहीं पहुंचे।
23 साल बाद आई आफत से दहशत में रहे लोग
वर्ष 2003 के बाद फिर मंदाकिनी का प्रलयंकारी रूप देखने को मिलाा। नदी अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ गई। 29 अगस्त को खतरे के निशान से आठ मीटर ऊपर बढ़ा जल स्तर 30 अगस्त को करीब दो बजे सामान्य स्थिति पर पहुंचा। तब जाकर नदी तलहटी में बसे लोगों ने राहत की सांस ली।
बरबाद हुए लोगों के घर-गृहस्थी व अनाज
बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भरने से गृहस्थी की सामग्री, अनाज आदि बरबाद हो गए। जिसे पानी उतरने के बाद देखकर रोते विलखते रहे। नष्ट सामग्री को बाहर फेंका। मलबे को समेटने में भारी दिक्कते हुई।
रौद्र रूप लिए मंदाकिनी कई गांवों में तबाही मचाते हुए यमुना में मिली
सीतापुर, रामघाट, तरौंहा, गोबरियाा आदि क्षेत्रों में तबाही मचाने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के बरेठी, चैरा, कलवारा, पनौटी, कहेटा आदि गांवों में तबाही मचाते हुए मंदाकिनी नदी यमुना में जाकर मिली। ऐसे में यमुना नदी किनारे बसे लोग सांसत में आ गए हैं।
पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक
मंदाकिनी नदी के बढ़े जल स्तर के कारण कर्वी में निर्मित पुल जो कर्वी-बेड़ीपुलिया मार्ग को जोड़ता है अप्रोच रोड की मिट्टी के कटाव के चलते कुछ हिस्से को आंशिक क्षति हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। एनएचएआई एवं जिला प्रशासन की टीम आवश्यक तकनीकी जांच एवं मरम्मत का कार्य कर रही है। जनपदवासियों से अपील है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों से आवागमन न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
