बाँदा कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित होगा ‘शुष्क खेती पर उत्कृष्टता केंद्र’

अंतरराष्ट्रीय संस्थान इंटरनेशनल क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक (इक्रीसेट), हैदराबाद के सहयोग से बांदा...

Feb 5, 2026 - 17:24
Feb 5, 2026 - 17:26
 0  17
बाँदा कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित होगा ‘शुष्क खेती पर उत्कृष्टता केंद्र’

इक्रीसेट के सहयोग से बुंदेलखंड में जल संरक्षण व दलहन उत्पादन को मिलेगी नई दिशा

बांदा। अंतरराष्ट्रीय संस्थान इंटरनेशनल क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक (इक्रीसेट), हैदराबाद के सहयोग से बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा में ‘शुष्क खेती पर उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संरक्षण, शुष्क खेती की उन्नत तकनीकों के विकास तथा दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य करेगा।

इक्रीसेट के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक हाल ही में कृषि विश्वविद्यालय के भ्रमण पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू से मुलाकात कर उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना से जुड़ी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. हिमांशु पाठक ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों के साथ संवाद करते हुए कृषि के वैश्विक परिदृश्य और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि ने बीते 50 वर्षों में देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है और आज भारत कृषि उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन, बढ़ती जनसंख्या और वैश्विक बाजार की मांग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए नीतिगत सुधार और तकनीकी नवाचार आवश्यक हैं। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों से कृषि समस्याओं के समाधान पर केंद्रित शोध और नवाचार करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू ने डॉ. पाठक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र में विश्वस्तरीय कृषि तकनीकों को विकसित कर किसानों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, दालों की स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण और नवीन किस्मों का विकास कर क्षेत्र में दलहन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस अवसर पर इक्रीसेट के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रमेश सिंह ने भी छात्रों को संबोधित किया। इसके बाद इक्रीसेट से आए वैज्ञानिक दल ने विश्वविद्यालय के शोध प्रक्षेत्रों और प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

वैज्ञानिक दल के भ्रमण एवं चर्चा कार्यक्रम का समन्वय विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉ. नरेन्द्र सिंह तथा निदेशक शोध डॉ. जगन्नाथ पाठक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त निदेशक, अधिष्ठाता, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0