पत्रकार के हमलावरों पर दरोगा हुआ मेहरबान, पत्रकार को सिखा रहा पत्रकारिता

अब दरोगा जी बतायेंगे, कहां खबर करो! || गंदे आदमियों से दूर रहने की नसीहत दे रहें हैं दरोगा जी || पत्रकारिता की गाइडलाइन बता रहे हैं दरोगा जी || चोरी का खुलासा करने पर पत्रकार को नहीं मिला पुलिस का साथ || उल्टा पुलिस ही धमका रही है पत्रकार संदीप रिछारिया को

पत्रकार के हमलावरों पर दरोगा हुआ मेहरबान, पत्रकार को सिखा रहा पत्रकारिता

अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा के लिए शासन ने पुलिस को कड़े निर्देश दे रखे हैं। बावजूद इसके, चित्रकूट में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला करने वाले हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए दरोगा जी उन पर इस कदर मेहरबान हैं कि पत्रकार को पत्रकारिता की गाइडलाइन सिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

मामला कुछ इस प्रकार है, सीतापुर कस्बे में बेड़ी पुलिया से लेकर रामघाट तक बनने वाली फोर लेन सीसी रोड का इन दिनों निर्माण चल रहा है। इसके पहले चरण में बेड़ी पुलिया से जयपुरिया तिराहे तक रोड बनाई जा चुकी है, जबकि अब दूसरे चरण का काम जयपुरिया तिराहे से रामघाट के लिए चल रहा है। सड़क के किनारे नगर पालिका के द्वारा लगवाई गई सीमेंट के पेविंग ब्लाॅक्स लगे थे। इसको नगर पालिका उखड़वाकर रैन बसेरा में रखवा रही थी। इस बीच इस काम के इंचार्ज की सहमति और मिलीभगत से सीमेंट के पेविंग ब्लाॅक्स (ईंट) को बेचने का मामला सामने आने पर चित्रकूट के वरिष्ठ पत्रकार संदीप रिछारिया ने खबर की।

पत्रकार संदीप रिछारिया को मालूम चला कि ईंट को चोरी कर मध्यप्रदेश के छीरगाँव ले जाया गया है। जिस पर छीरगाँव मे जाकर पत्रकार संदीप रिछारिया ने उन ईंटों को देखा और उसे अपने कैमरे में कैद किया। खबर करके जब संदीप रिछारिया लौटे तो रामघाट पर संविदा चालक रोहित यादव ने अपने पिता व भाइयों सहित उन्हें रोककर कहा, "तुम्हारी हिम्मत छीरगाँव जाने की कैसे हुई? मैंने पहले भी एक पत्रकार को मारा था। तुम्हें परिवार सहित ऊपर पहुँचा दूँगा।" इतना कहकर रोहित यादव ने पत्रकार संदीप रिछारिया से बदसलूकी की और उनके साथ मारपीट की। इतने में वहाँ लोग आए और पत्रकार संदीप रिछारिया को उस हमलावर रोहित यादव से छुड़ाया। इसके बाद पत्रकार संदीप रिछारिया ने एसएचओ कर्वी व सीतापुर चौकी प्रभारी को पूरी घटना की जानकारी फोन पर दी। सीतापुर चौकी इंचार्ज रामवीर सिंह ने पत्रकार के पास आकर पूरी घटना की जानकारी ली और फिर कहा कि उनके साथ गलत हुआ है और वो आरोपियों को ठीक कर देंगे। 

नगर पालिका द्वारा जेसीबी से उखड़वाई गयी यही ईंट हैं

रैन बसेरा में नगर पालिका ने रखवाये थे ईंट

लेकिन अगले दिन सीतापुर चौकी इंचार्ज रामवीर सिंह के सुर बदल गये। उल्टा उन्होंने ही पत्रकार संदीप रिछारिया को ऐसे लोगों से दूर रहने की नसीहत दे डाली। सीतापुर चौकी इंचार्ज  रामवीर सिंह हमलावरों पर मेहरबान हो गए थे, तभी शायद उन्होंने पत्रकार संदीप रिछारिया को धमकी भरे लहजे में कहा कि उनके खिलाफ भी हमलावरों ने शिकायत दर्ज कराई है। ऐसा कहकर दरोगा जी पत्रकार को दबाव में लेना चाहते हैं, ताकि पत्रकार उन हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने से परहेज करें या फिर समझौते के लिए बाध्य हो जाए।

आरोपी संविदा चालक रोहित यादव ने छीर गांव के अपने निवास पर चोरी कर रखवा लिये ईंटें

सूत्र बताते हैं कि दरोगा अपराधों में लिप्त अपराधियों से सांठगांठ बनाए रखते हैं, इसके एवज में उन्हें तगड़ा लाभ पहुंचाया जाता है। जब ऐसे तत्वों के खिलाफ कोई मामला दर्ज होता है तो उल्टा शिकायतकर्ता पर पुलिस दबाव बनाने की कोशिश करती है। ताकि मामला थाने में ही रफा-दफा कर दिया जाए। यही वजह है कि दरोगा ने पहले तो पत्रकार को यह नसीहत दी थी कि आपको गंदे लोगों के मुंह नहीं लगना चाहिए था और आप को छीर गांव में कवरेज के लिए नहीं जाना चाहिए था। और जब हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की बात आई तो पुलिस ने उल्टा पत्रकार को पत्रकारिता की गाइडलाइन सिखाने की कोशिश की।

क्या पुलिस के उच्च अधिकारी इस दरोगा को सबक सिखाएंगे जो अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए पत्रकारों को ही नसीहत देने में जुटे हैं?

 

संदीप रिछारिया की शिकायत पर दर्ज की गयी एफआईआर की काॅपी