हत्या कर शव को छुपाने के मामले में एक को मिली यह सजा...

शराब के नशे में एक युवक की हत्या करने के बाद उसका शव छुपाने के मामले में दोषी मानते हुए न्यायाधीश ने एक अभियुक्त को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है...

हत्या कर शव को छुपाने के मामले में एक को मिली यह सजा...

बांदा

शराब के नशे में एक युवक की हत्या करने के बाद उसका शव छुपाने के मामले में दोषी मानते हुए न्यायाधीश ने एक अभियुक्त को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसी मामले में एक अभियुक्त को न्यायालय द्वारा बरी कर दिया गया। घटना 11 साल पुरानी है।

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शहर कोतवाली अंतर्गत केवटरा पहाड़ के नीचे रहने वाले बलखंडी पुत्र बाबू केवट ने कोतवाली में 27 फरवरी को तहरीर दी थी, जिसमें बताया गया था कि उसका पुत्र अनिल कुमार (21) 19 फरवरी 2009 को अचानक गायब हो गया था।  26 फरवरी को उसकी लाश एक गेहूं के खेत में मिली थी, पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करके जब घर लौटा तो जानकारी हुई कि छावीतालाब देसी शराब के ठेके में मेरे पुत्र अनिल कुमार को शराब के नशे में देखा गया था, जिसे पड़ोस रहने वाला बड़कू केवट पुत्र राम प्रसाद केवट व चुनुवाद पुत्र बच्चू कंधे पर लाद कर ले गए थे और बाद में पटक कर उसकी हत्या कर दी और लाश को गेहूं के खेत में छुपाने के बाद गायब हो गए थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी।

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अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ पवन कुमार शर्मा ने इस मामले में बड़कू केवट को दोषी पाया। जिसे आजीवन कारावास की सजा दी गई जबकि चुनूबाद को बरी कर दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्र ने 6 गवाह पेश किए। चुनूबाद की तरफ से राम स्वरूप सिंह सीनियर में बचाव किया। घटना के बाद से दोनों आरोपी जमानत पर थे, सजा के बाद बडकू केवट को हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया गया।

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