अमर दुबे के एनकाउन्टर मामले पर साक्ष्य जुटाने को फोरेंसिक टीम ने हमीरपुर में डाला डेरा

मौदहा कोतवाली के इंस्पेक्टर मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ स्थल पर जांच की है। मुठभेड़ में शामिल पुलिस कर्मियों से टीम ने पूछताछ की है। अमर दुबे से कैसे मुठभेड़ हुयी और कैसे उसका एनकाउन्टर हुआ यह सब टीम ने मौके पर जांच की है।

अमर दुबे के एनकाउन्टर मामले पर साक्ष्य जुटाने को फोरेंसिक टीम ने हमीरपुर में डाला डेरा

कानपुर के बिकरू गांव में हुए जघन्य हत्याकांड के बाद एसटीएफ ने गत 9 जुलाई को विकास दुबे के साथी अमर दुबे को मौदहा कस्बे के इंगोहटा मार्ग में हुई एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। जिसके बाद अमर दुबे के एनकाउन्टर पर सवाल उठने भी शुरू हो गये थे। इसी को लेकर सीएम योगी के आदेश पर आज फाॅरेन्सिक टीम लखनऊ से आकर यहां डेरा डाल चुकी है।
लखनऊ से आई फाॅरेन्सिक टीम ने यहां आकर साक्ष्य जुटाने में बारीकी से जांच पड़ताल की तो कई सबूत उनके हाथ लगे हैं। मौके पर टीम ने पहुंचकर बारीकी से जांच पड़ताल की और मुठभेड़ में घायल हुये कोतवाल तथा अन्य पुलिस कर्मियों से भी टीम ने जानकारी हासिल की। टीम के अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों से सवाल-जवाब भी किये। मुठभेड़ स्थल पर अमर दुबे को कैसे ढेर किया गया। इसे टीम ने रिहर्सल कराया है।

अपराधी विकास दुबे का भी एसटीएफ ने नौ जुलाई को खेल खत्म कर दिया था। अब तो शासन ने इस मामले की जांच एसआईटी को दे दी है। आज लखनऊ से फाॅरेंसिक लैब के निदेशक एके श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम मौदहा कस्बे पहुंची और मुठभेड़ स्थल पर बारीकी से जांच करने के बाद साक्ष्य जुटाये हैं। टीम ने मुठभेड़ में घायल कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला और अन्य पुलिस कर्मियों से भी मुठभेड़ से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर जानकारी हासिल की है। 

मौदहा कोतवाली के इंस्पेक्टर मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ स्थल पर जांच की है। मुठभेड़ में शामिल पुलिस कर्मियों से टीम ने पूछताछ की है। अमर दुबे से कैसे मुठभेड़ हुयी और कैसे उसका एनकाउन्टर हुआ यह सब टीम ने मौके पर जांच की है।

अमर दुबे एनकाउंटर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
पिछले 8 जुलाई को मौदहा कस्बे के नेशनल मार्ग में यूपी एसटीएफ व मौदहा कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में चले एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे के मामले की जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश दिए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले बुधवार को मौदहा क्षेत्र के नेशनल मार्ग में अमर दुबे एनकाउंटर मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के लिए उन्हें जिला मजिस्ट्रेट ने नामित किया है। बताया कि एक पक्ष के अंदर विस्तृत जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच के संबंध में जिस किसी को लिखित, मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना हो तो वह उनके कार्यालय में नोटिस, सूचना निर्गत होने के 17 जुलाई तक किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है।