सहकारी समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बनाया जाए सशक्त केन्द्र : डीएम
जनपद में डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में सम्पन्न हुई...
डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी की हुई बैठक
चित्रकूट। जनपद में डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला उद्यान अधिकारी, सचिव मुख्य कार्यपालक अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक बांदा चित्रकूट तथा समिति के अन्य सदस्य, विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को ग्राम स्तर तक सशक्त बनाना, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का विस्तार करना तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करना था। सहकारी समितियों को किसानों एवं ग्रामीणों के लिए बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। समिति द्वारा 10 नवीन बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों, 4 मत्स्यजीवी सहकारी समितियों तथा 20 दुग्ध सहकारी समितियों के गठन का अनुमोदन प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अनुमोदन के उपरांत इन समितियों का शीघ्र पंजीकरण, संचालन एवं व्यवसाय आवंटन सुनिश्चित किया जाए। गत वित्तीय वर्ष में गठित 35 नवीन बी-पैक्स समितियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि उन्हें निष्क्रिय न रहने दिया जाए। प्रत्येक समिति को स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक वितरण, बीज, कृषि यंत्र, जन औषधि केन्द्र, कॉमन सर्विस सेंटर, बैंकिंग संवाददाता, डेयरी, मत्स्य, भंडारण तथा अन्य व्यवसायों से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में भारत सरकार की विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड कीं 5000 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदाम निर्माण संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। संबंधित विभागों को निर्माण कार्य की औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए। नवगठित सहकारी समितियों के कार्यालय एवं गोदाम निर्माण के लिए उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध कराने के लिए जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि का चयन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन सहकारी समितियों के भवन जर्जर अवस्था में हैं उनका सर्वेक्षण कर मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद की सर्वाधिक व्यवसाय करने वाली पाँच सहकारी समितियों का चयन कर उन्हें मॉडल सहकारी समिति के रूप में विकसित किया जाएगा। इन समितियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर उनके व्यवसाय विस्तार, आय वृद्धि, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष कार्य किया जाएगा। ताकि अन्य समितियाँ भी उनसे प्रेरणा प्राप्त कर सकें। डीएम ने निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान एवं ग्रामीण तक पहुँचना चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार कार्य करें तथा सहकारी समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त केंद्र बनाया जाए। उन्होंने गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जनभागीदारी के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। बैठक के अंत में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि समिति द्वारा लिए गए सभी निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जनपद में सहकारिता आंदोलन को नई गति प्रदान की जाएगी।
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