आमजन स्वगणना में बढ़चढ़ कर करें भागीदारी : डीएम

भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से एक मानी जाती है तथा यह विश्व के सबसे बडे़...

May 15, 2026 - 13:51
May 15, 2026 - 13:51
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आमजन स्वगणना में बढ़चढ़ कर करें भागीदारी : डीएम

चित्रकूट। भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से एक मानी जाती है तथा यह विश्व के सबसे बडे़ प्रशासनिक कार्यों में शामिल है। जनगणना भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के संघ सूची अनुच्छेद 246 में क्रम संख्या 69 पर अंकित है तथा जनगणना अधिनियम 1948 इसके संचालन का विधिक आधार प्रदान करता है।
    
भारत में प्रथम जनगणना वर्ष 1872 में कराई गई थी जो देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग समय पर संपन्न हुई। वर्ष 1881 में पहली बार संपूर्ण देश में एक साथ जनगणना कराई गई। इसके पश्चात 2011 तक प्रत्येक दस वर्ष में बिना किसी व्यवधान के जनगणना होती रही। भारतीय जनगणना जनसांख्यिकी आर्थिक गतिविधि, साक्षरता एवं शिक्षा, आवास एवं घरेलू सुविधाएं, शहरीकरण, प्रजनन, भाषा, धर्म, दिव्यांगता तथा अन्य अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसांख्यिकी आंकड़ों का सबसे विश्वसनीय स्रोत है जिससे कि जनगणना से प्राप्त सूचनाएं देशवासियों के लाभ के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत स्तर की जानकारी प्रदान करती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर संसदध् विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों, पंचायतों एवं अन्य स्थानीय निकायों की सीटों का परिसीमन किया जाता है। इस प्रकार, प्रगणक केवल जानकारी एकत्र नहीं कर रहे होते, बल्कि वे एक विशाल राष्ट्र निर्माण गतिविधि का अभिन्न अंग होते हैं। इस प्रकार 2027 में पहली बार स्वगणना पद्धति भी प्रारंभ की जा रही है। इसी क्रम में जिले भर में गत सात मई से जनगणना 2027 के लिए स्व -गणना कार्य क्रम चल रहा है। स्वगणना अभियान आगामी 21 मई तक चलेगा। इसके लिए जनपदवासी स्वयं भी जनगणना पोर्टल पर जाकर अपनी सूचनाएं दर्ज करा सकते हैं। डीएम पुलकित गर्ग ने आमजन को स्वगणना में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की बात कही है।

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