श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट की कला प्रदर्शनी में शिवानी गौतम की कलाकृतियों ने मोहा मन
शहर के बलखंडी नाका स्थित एक होटल में श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट की 10 दिवसीय कत्थक कार्यशाला के समापन अवसर पर भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया...
कत्थक कार्यशाला के समापन अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी में प्रकृति, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को मिली कलात्मक अभिव्यक्ति
बांदा। शहर के बलखंडी नाका स्थित एक होटल में श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट की 10 दिवसीय कत्थक कार्यशाला के समापन अवसर पर भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा कला के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
प्रदर्शनी में युवा कलाकार शिवानी गौतम की उत्कृष्ट कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। उनकी पेंटिंग्स में घोड़ा और हाथी के माध्यम से शक्ति, परंपरा और नेतृत्व का संदेश दिया गया, जबकि माँ के गर्भ में शिशु की कलाकृति ने जीवन की अनमोलता और प्रकृति की सृजनशीलता को दर्शाया। वहीं चाँद और स्त्री विषय पर आधारित चित्र ने आशा, आत्मविश्वास और नारी की आंतरिक शक्ति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में पेंटिंग, स्केच, वॉटर कलर, एक्रेलिक आर्ट, आधुनिक कला और पारंपरिक चित्रकला सहित विभिन्न विधाओं की आकर्षक कृतियां प्रदर्शित की गईं। कलाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकृति, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएं, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक जीवन की चुनौतियों को सशक्त रूप से उकेरा।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे पद्मश्री उमाशंकर पांडे, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद शमीम बानो, समाजसेवी डॉ. शबाना रफीक, नगर पालिका अध्यक्ष मालती बसु, रिचा खरे, अरुण निगम तथा आनंद किशोर लाल सहित अन्य अतिथियों ने कलाकारों की सृजनात्मक सोच, कल्पनाशीलता और तकनीकी दक्षता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
