कलेक्ट्रेट में गूँजा स्वरोजगार का मुद्दा : डीएम ने दिए बैंकों को कड़े निर्देश, सरकारी योजनाओं में न बरतें लापरवाही
जनपद की बैंकिंग प्रगति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय समीक्षा समिति...
DLRC की बैठक: सीडी अनुपात बढ़ाने और लंबित ऋण आवेदनों के त्वरित निस्तारण पर जोर, एनपीए वसूली के लिए तहसीलों से होगा समन्वय
बाँदा। जनपद की बैंकिंग प्रगति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में बैंकों के प्रदर्शन पर असंतोष जताते हुए स्पष्ट किया गया कि पात्र लाभार्थियों को ऋण देने में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों पर मंथन
बैठक के दौरान चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित वार्षिक ऋण योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी बैंक जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि:
- सीडी अनुपात (CD Ratio): जनपद के सीडी अनुपात में तत्काल वृद्धि की जाए।
- शत-प्रतिशत लक्ष्य: वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर 100% पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
- लंबित आवेदन: बैंकों में लंबित पड़े ऋण आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
एनपीए वसूली के लिए बनेगा 'विशेष प्लान'
बैंकों में बढ़ते एनपीए (NPA) पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वसूली प्रमाण पत्रों (RC) में प्रगति लाने के लिए बैंक अधिकारी संबंधित तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदार से सीधा समन्वय स्थापित करें। आरसी वसूली में तेजी लाकर बैंक अपनी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करें।
प्रमुख योजनाओं की समीक्षा
बैठक में स्वरोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार प्रगति जांची गई, जिसमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान एवं युवा स्वरोजगार योजना।
- पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं फसली ऋण।
- पशुपालन, मत्स्य पालन एवं स्वयं सहायता समूहों (SHG) का सीसीएल।
- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण एवं जन सुरक्षा योजनाएं।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बाँदा, नाबार्ड और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रतिनिधि, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) रवि शंकर सहित जनपद के सभी बैंक समन्वयक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। एलडीएम ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनपद की बैंकिंग उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों का खाका पेश किया।
"बैंक केवल लक्ष्य पूरा न करें, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति और कमजोर वर्गों को स्वरोजगार के लिए समयबद्ध ऋण मिले।"
— जिलाधिकारी, बाँदा
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