मंदाकिनी नदी में सीवर का गंदा पानी छोड़े जाने पर बवाल
धार्मिक नगरी चित्रकूट में आस्था की प्रतीक मंदाकिनी नदी को प्रदूषित किए जाने का मामला सामने आया है। बुंदेली सेना ने आरोप लगाया है...
बुंदेली सेना ने जल संस्थान पर लगाया लापरवाही का आरोप, दोषी जेई पर कार्रवाई की मांग
चित्रकूट। धार्मिक नगरी चित्रकूट में आस्था की प्रतीक मंदाकिनी नदी को प्रदूषित किए जाने का मामला सामने आया है। बुंदेली सेना ने आरोप लगाया है कि रामघाट के पास स्थित जल संस्थान के सम्पवेल से प्रतिदिन रात के समय हजारों लीटर सीवर का गंदा पानी सीधे मंदाकिनी नदी में छोड़ा जा रहा है। संगठन ने इस मामले में दोषी जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि सम्पवेल की मोटर न चलाने के लिए अक्सर रात के अंधेरे में सीवर का रुख सीधे नदी की ओर मोड़ दिया जाता है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार इसकी शिकायत जल संस्थान से की गई, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि पन्नालाल घाट क्षेत्र में बुंदेली सेना द्वारा सफाई अभियान भी चलाया गया था, लेकिन सीवर का गंदा पानी और प्लास्टिक कचरा नदी में छोड़े जाने से सभी प्रयास बेअसर हो रहे हैं। सीवर के साथ बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा भी नदी में पहुंच रहा है, जिससे घाटों पर गाद (सिल्ट) जमा हो रही है और नदी का स्वरूप प्रभावित हो रहा है।
बुंदेली सेना ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मंदाकिनी नदी में सीवर का पानी गिराने पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि दोषी कर्मियों से दंड स्वरूप नदी की सफाई कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
मुख्य बिंदु
- रामघाट के पास सम्पवेल से नदी में छोड़ा जा रहा सीवर का पानी।
- बुंदेली सेना ने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल।
- सीवर के साथ प्लास्टिक कचरा भी पहुंच रहा मंदाकिनी में।
- जिलाधिकारी से दोषी जेई पर कार्रवाई और नदी की सफाई कराने की मांग।
- आस्था की प्रतीक मंदाकिनी नदी के प्रदूषण पर स्थानीय लोगों में नाराजगी।
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