खजुराहो-छतरपुर-सागर-भोपाल नई रेल लाइन के सर्वे को बजट स्वीकृत

रेलवे द्वारा खजुराहो, छतरपुर, सागर और भोपाल के बीच नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराने का बजट जारी कर दिया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे की...

Apr 11, 2026 - 09:16
Apr 11, 2026 - 09:25
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खजुराहो-छतरपुर-सागर-भोपाल नई रेल लाइन के सर्वे को बजट स्वीकृत
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320 किमी नई रेल परियोजना से बुंदेलखंड में विकास की उम्मीद

69 लाख रुपये से होगा सर्वे, 100 से अधिक गांव होंगे लाभान्वित

भोपाल से विश्व धरोहर खजुराहो तक सीधा रेल संपर्क बनने की संभावना

बांदा/छतरपुर। रेलवे द्वारा खजुराहो, छतरपुर, सागर और भोपाल के बीच नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराने का बजट जारी कर दिया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे की इस पहल से बुंदेलखंड क्षेत्र में नई रेल लाइन को लेकर एक बार फिर उम्मीदें जाग गई हैं। इससे क्षेत्र के विकास के साथ पर्यटन और उद्योग-धंधों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार करीब 320 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित नई रेलवे लाइन के सर्वे के लिए 69 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। सर्वे पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर परियोजना पर आगे निर्णय लिया जाएगा। प्रस्तावित रेल लाइन भोपाल को यूनेस्को में शामिल विश्व धरोहर खजुराहो से जोड़ने का काम करेगी।

बताया जा रहा है कि वर्तमान में खजुराहो से छतरपुर तक रेल लाइन मौजूद है, जबकि नई लाइन छतरपुर से आगे सागर जिले के शाहगढ़-बंडा होते हुए कर्रापुर, गढ़पहरा, राहतगढ़ से विदिशा या रायसेन के आसपास होते हुए भोपाल तक बिछाई जा सकती है। इस दौरान प्रमुख नगरों और कस्बों में स्टेशन बनाए जाने की भी योजना है। अनुमान है कि यह रेल लाइन 100 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी होगा।

सर्वे के दौरान इंजीनियर और अधिकारी प्रस्तावित मार्ग का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इसमें नदी-नालों पर पुल निर्माण, पहाड़ काटने की आवश्यकता, सरकारी व निजी भूमि का अधिग्रहण, प्रभावित गांवों और मकानों की संख्या, संभावित मुआवजा, यातायात की स्थिति तथा व्यापारिक गतिविधियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद तैयार रिपोर्ट को उच्च स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो परियोजना पर अंतिम निर्णय लेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी इस रेल लाइन को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया था। वर्ष 2011 में सर्वे और 2014 में करीब 1643 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का प्रोजेक्ट तैयार हुआ था, लेकिन पर्याप्त यातायात न मिलने और घाटे की आशंका के चलते इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

रेल सुधार समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सर्वे कार्य समय से पूरा हो जाता है तो छह माह में रिपोर्ट तैयार हो सकती है। इसके बाद 2027 के बजट में धनराशि का प्रावधान कर परियोजना पर काम शुरू किया जा सकता है। नई रेल लाइन से बुंदेलखंड क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Source : Hindi News 18

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