राशन न मिलने से नेशनल हाईवे पर ग्रामीणों ने लगाया जाम

प्रधानमंत्री द्वारा एक तरफ देश के 80 करोड़ों लोगों को मुफ्त में राशन दिए जाने का दावा खोखले साबित हो रहे है। राशन वितरण प्रणाली से नाराज़ जनपद बांदा के ब्लॉक महुआ अंतर्गत इटरा खुर्द के ग्रामीणों ने राशन न मिलने का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।

राशन न मिलने से नेशनल हाईवे पर ग्रामीणों ने लगाया जाम

देश के प्रधानमंत्री द्वारा एक तरफ देश के 80 करोड़ों लोगों को मुफ्त में राशन दिए जाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी ओर राशन वितरण की सच्चाई क्या है, यह आज समय उजागर हुआ जब जनपद बांदा के ब्लॉक महुआ अंतर्गत इटरा खुर्द के ग्रामीणों ने राशन न मिलने का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जिससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों का आवागमन ठप हो गया। ग्रामीणों को मनाने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मान मनोब्बल में जुटे हुए हैं।

ग्राम इटर्रा खुर्द के निवासियों का कहना है कि कोटेदार गोमती पत्नी ज्ञान प्रकाश के द्वारा यहां पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। जून के महीने 20 जून के बाद अंगूठा लगवाने का प्रावधान है, लेकिन कोटेदार ने किसी के द्वारा अंगूठा नहीं लगवाया और न ही दो माह से पर्ची दी है और न राशन वितरण की किसी को सूचना दी, जिससे लोग राशन लेने नहीं गए। जब कोटेदार से कहा गया तो उसने कहा कि इस माह में दीजिए के बाद का राशन नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि कोटेदार मिट्टी के तेल की कीमत भी ज्यादा वसूल कर रहा है और चना जिन लोगों को दिया है वह भी तौल में कम निकल रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार फिर जब राशन देने की बात की जाती है तो वह गाली गलौज करने लगता है। ग्रामीणों ने बताया कि 20 जून से आज तक किसी भी कार्ड धारक को खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया। ऐसे में जब महामारी चल रही है, काम-धाम मिल नहीं रहा है, राशन भी नहीं मिलेगा तो कैसे भरण पोषण से होगा। जाम लगाने वालों कामता प्रसाद रामदास,सादिक अली, मानसिंह, मोहन, नंदकिशोर प्रमोद, इत्यादि दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। जाम लगने की सूचना पर अतर्रा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को जाम हटाने के लिए समझाने की कोशिश करती रही।