उमा भारती की नागपुर यात्रा के सियासी मायने

उमा भारती की नागपुर यात्रा पहले से तय मानी जा रही थी। शुक्रवार शाम को नागपुर पहुंची उमा भारती शनिवार कि सुबह 10 बजे संघ मुख्यालय पहुंची । लगभग 3 घंटे संघ मुख्यालय में बिताने के बाद दोपहर 1 बजे वह संघ कार्यालय से सीधे नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंची।

उमा भारती की नागपुर यात्रा के सियासी मायने

नागपुर 

मध्यप्रदेश बीजेपी की वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती शनिवार को नागपुर के महल इलाके में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय पहुंची। सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत तथा सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी से मुलाकात के बाद दोपहर 1 बजे वह मध्यप्रदेश के लिए रवाना हुई। 

मध्यप्रदेश में बीजेपी की सत्ता में वापसी होने के बाद राज्य में 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। राज्य की 24 सीटों में से 22 सीटें सिंधिया खेमे के विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। जिसके चलते कमलनाथ सरकार गिरी थी और भाजपा राज्य में दुबारा सत्ता बनाने में कामयाब हुई थी। सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके समर्थक विधायकों ने भी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। शिवराज सिंह चैहान सरकार के कुल 34 मंत्रियों  में 20 मंत्री 2018 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे। वही 14 मंत्री वो हैं जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए हैं। जिन 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, उसमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं। इस इलाके में ज्योतिरादित्य सिंधिया का वर्चस्व माना जाता है। बीजेपी सिंधिया के कारण इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के विधायकों को ही फिर से लड़ाकर सीटें हासिल करने की जुगत में है तो कांग्रेस सीटों को बचाने की कोशिश में जुटी है। कांग्रेस के नेताओं की ओर से विधायकों के विश्वासघात की दुहाई देकर जनता से उन्हें सबक सिखाने की अपील की जा रही है। उपचुनाओ को ले कर हो रही राजनितीक उठापटक और टिकटों के बंटवारे  को लेकर उमा भारती संघ मुख्यालय पहुंची ऐसी चर्चाएं राजनितिक गलियारों में हो रही है। 

राजनीती से कोई लेना-देना नही 
उमा भारती की नागपुर यात्रा पहले से तय मानी जा रही थी। शुक्रवार शाम को नागपुर पहुंची उमा भारती शनिवार कि सुबह 10 बजे संघ मुख्यालय पहुंची । लगभग 3 घंटे संघ मुख्यालय में बिताने के बाद दोपहर 1 बजे वह संघ कार्यालय से सीधे नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। अपनी नागपुर यात्रा के बारे में उमा भारती ने कोई बात नही की। वही उमा भारती के निकटतम सहयोगी ने बताया की, उमा भारती की नागपुर यात्रा के राजनितिक मायने ना निकाले जाए। यही उनकी निजी यात्रा थी जिसको ले कर वह कोई बात नही करना चाहती।

(हिन्दुस्थान समाचार)