बांदा मेडिकल कॉलेज में असंभव को किया संभव, जटिल सर्जरी से बची मजदूर की जान

रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक मजदूर की जान बचा ली...

Jun 11, 2026 - 18:06
Jun 11, 2026 - 18:10
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बांदा मेडिकल कॉलेज में असंभव को किया संभव, जटिल सर्जरी से बची मजदूर की जान

3 पसलियां, तिल्ली, डायाफ्राम और आंतें हुई थीं क्षतिग्रस्त, 4 घंटे चली जटिल सर्जरी

डॉ. आर.सी. अरुण और टीम ने रचा इतिहास, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दी बधाई

बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक मजदूर की जान बचा ली। मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. आर.सी. अरुण और उनकी टीम ने करीब तीन से चार घंटे तक चले ऑपरेशन में गंभीर रूप से घायल मरीज का सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

जानकारी के अनुसार बबेरू थाना क्षेत्र के भदेदू गांव निवासी 49 वर्षीय कल्लू प्रजापति 2 जून को गांव में पेड़ काटने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान पेड़ की एक भारी डाल उनके ऊपर गिर गई, जिससे वह हैंड आरा मशीन सहित नीचे गिर पड़े। हादसे में आरा मशीन का ब्लेड उनके सीने और पेट में गहराई तक घुस गया, जिससे सीना और पेट के कई महत्वपूर्ण अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

चिकित्सकों के अनुसार हादसे में मरीज की तीन पसलियां कट गई थीं, चेस्ट कैविटी खुल गई थी, खाने की नली (फूड पाइप) दो स्थानों से कट गई थी, तिल्ली और बड़ी आंत क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके अलावा ओमेंटम और लेफ्ट डायाफ्राम भी कट गया था। गंभीर हालत में मरीज को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

सर्जन डॉ. आर.सी. अरुण के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन में सभी क्षतिग्रस्त अंगों की मरम्मत कर मरीज की जान बचा ली। वर्तमान में मरीज पिछले आठ दिनों से आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है।

डॉ. आर.सी. अरुण ने बताया कि बांदा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में अपने 17-18 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस तरह की जटिल सर्जरी पहली बार सफलतापूर्वक की है। उन्होंने कहा कि यदि यही उपचार किसी निजी अस्पताल में कराया जाता तो मरीज को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते, जबकि मेडिकल कॉलेज में सरकारी शुल्क पर यह सर्जरी संभव हो सकी।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. कौशल ने इस उपलब्धि को न केवल बांदा बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने सफल ऑपरेशन के लिए डॉ. आर.सी. अरुण और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

इस जटिल सर्जरी में डॉ. आर.सी. अरुण के साथ डॉ. तन्मय अग्रवाल, डॉ. यशराज छिल्लर, डॉ. पुष्पम तथा एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. पंकज, डॉ. विनीत और डॉ. अजीत सहित पैरामेडिकल एवं ऑपरेशन थिएटर स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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