डीएम ने की पोषण एवं आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा
डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक कैम्प कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में आंगनबाडी केन्द्रों, पोषण वाटिकाओं...
अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश
चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक कैम्प कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में आंगनबाडी केन्द्रों, पोषण वाटिकाओं, टीएचआर वितरण, हॉट कुक्ड मील, कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन एवं पोषण सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था साडा द्वारा निर्मित की जा रही पोषण वाटिकाओं एवं आरईडी द्वारा बनाए जा रहे आंगनबाडी केन्द्रों की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो पोषण वाटिकाएं एवं आंगनबाडी केन्द्र पूर्ण हो चुके हैं उन्हें तत्काल हैंडओवर कराया जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के बिल समय से प्रेषित करने एवं उनके भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही टीएचआर के लंबित भुगतान को इसी सप्ताह पूर्ण कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने शहर क्षेत्र में संचालित हॉट कुक्ड मील व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। सुपरवाइजर द्वारा बताया गया कि यह व्यवस्था 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए संचालित है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि विगत एक वर्ष में हॉट कुक्ड मील मद में हुए व्यय का विस्तृत विवरण तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में पैरेंट मीटिंग की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रत्येक माह के तीसरे सप्ताह में अभिभावक बैठक आयोजित की जाती है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आंगनबाडी केन्द्रों को केवल भोजन वितरण केन्द्र न बनाया जाए, बल्कि बच्चों के समग्र विकास एवं प्रारम्भिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल द्वारा विकासखंड पहाडी के चकजाफर आंगनबाडी केन्द्र के निरीक्षण में सुपरवाइजर की अनुपस्थिति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सीडीपीओ पहाडी को संबंधित आंगनबाडी कार्यकर्त्री एवं सहायिका को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिदिन केन्द्रों पर आने वाले बच्चों की संख्या की सूची उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में सैम एवं मैम बच्चों के चिन्हांकन एवं उपचार पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे बच्चों का उपचार अपने बच्चों की तरह संवेदनशीलता एवं गंभीरता से सुनिश्चित कराया जाए। कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन नियमित रूप से किया जाए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी, डीसी मनरेगा डीएन पांडेय, जिला विकास अधिकारी सत्यराम यादव सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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