प्राधिकरण सचिव ने जिला कारागार का किया निरीक्षण

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश शेषमणि शुक्ल के मार्गदर्शन में जिला कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव...

May 16, 2026 - 10:00
May 16, 2026 - 10:01
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प्राधिकरण सचिव ने जिला कारागार का किया निरीक्षण

बंदियों को दी गई विधिक जानकारी

चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश शेषमणि शुक्ल के मार्गदर्शन में जिला कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने औचक निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया।

निरीक्षण के दौरान जिला कारागार में संचालित लीगल एड क्लीनिक में अनुरक्षित समस्त पंजिकाओं को देखा पंजिकाओं की प्रविष्टियां नियमानुसार अंकित पायी गयी। पैरालीगल वालेण्टियर्स को निर्देशित किया गया कि यदि कोई बन्दी अपने मुकदमें की पैरवी के लिए व्यक्तिगत अधिवक्ता करने में अक्षम है तो नियमानुसार पत्राचार करते हुये अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से बन्दी के मुकदमें की पैरवी के लिए अधिवक्ता प्राप्त करा सकते हैं। बैरक संख्या 11, 16 व 22 के बन्दियों को जेल सभागार में एकत्रित कर वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं विधिक सहायता के विषय पर जागरूकता कार्यक्रम करते हुये सचिव द्वारा कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता, लोक अदालतों, और कानूनी साक्षरता के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। इन शिविरों का उद्देश्य विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत पात्र लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। समाज के कमजोर वर्ग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग और कम आय वाले लोग पात्र हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राज्य, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत संपत्ति के अधिकार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भरण-पोषण के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी है। कुलदीप सिंह सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को संपत्ति, भरण-पोषण, परिवारिक विवाद, उपहार, हस्तांतरण सम्बन्धी सलाह तथा रखरखाव न्यायाधिकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक स्वयं अपना पालन दृ पोषण करने में सक्षम नहीं है तो उसके बच्चे व कानूनी उत्तराधिकारियों का कर्तव्य है कि वे उसकी देखभाल करें, इसके लिये सरकार ने ष्माता पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007” बनाया है। इस कानून के अनुसार वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों से भोजन कपडा, आवास और चिकित्सीय सहायता प्राप्त करने का अधिकार रखते हैं। स्वाती तिवारी सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को हिंसा, उत्पीडन और मांसिक प्रताडना से सुरक्षा प्राप्त है। पुलिस विभाग द्वारा कई शहरों में वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाईन व सुरक्षा योजनायें चलायी गयी हैं। प्रशिक्षु देवांशी सिंह द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, पेंशन योजना,स्वास्थ्य बीमा आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। इस अवसर पर कुश कुमार सिंह अधीक्षक जिला कारागार, चन्द्रपाल डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, सुनील कुमार वर्मा जेलर, कौशलेन्द्र सिंह डिप्टी जेलर, बृजकिशोरी डिप्टी जेलर, प्रभु प्रताप सिंह डिप्टी जेलर आदि मौजूद रहे।

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