प्रयागराज हैकाथॉन ‘यूहैक 4.0’ में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बाँदा का जलवा; देशभर की 250 टीमों को पछाड़ जीता प्रथम स्थान

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आर.ई.सी.), बाँदा के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी तकनीकी प्रतिभा का लोहा मनवाया है...

Mar 24, 2026 - 18:05
Mar 24, 2026 - 18:07
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प्रयागराज हैकाथॉन ‘यूहैक 4.0’ में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बाँदा का जलवा; देशभर की 250 टीमों को पछाड़ जीता प्रथम स्थान

विजेता टीम को मिला ₹45,000 का नकद पुरस्कार; 'डिजिटल खेती' प्रोजेक्ट की हुई चारों ओर सराहना

बाँदा/प्रयागराज। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (आर.ई.सी.), बाँदा के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी तकनीकी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, प्रयागराज द्वारा आयोजित 24 घंटे के राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित हैकाथॉन ‘यूहैक 4.0’ में आर.ई.सी. बाँदा के ‘आईओटीवर्स क्लब’ (IoTevers Club) की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। विजेता टीम को मुख्य अतिथि द्वारा ₹45,000 की सम्मानजनक पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

1000 प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा

इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के प्रथम चरण में देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों से लगभग 250 टीमों के करीब 1000 मेधावियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से केवल 67 टीमें ही दूसरे चरण (ऑफलाइन राउंड) के लिए क्वालीफाई कर सकीं। प्रयागराज परिसर में आयोजित इस शारीरिक प्रस्तुतीकरण के बाद अंतिम राउंड के लिए 10 श्रेष्ठ टीमों को चुना गया, जिसमें आर.ई.सी. बाँदा की टीम तकनीकी कौशल और नवाचार के आधार पर शीर्ष पर रही।

डिजिटल खेती: सिंचाई और कीटनाशक प्रबंधन का भविष्य

विजेता टीम का नेतृत्व विद्युत अभियंत्रण (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) के अंतिम वर्ष के छात्र नीरज कुमार ने किया, जबकि टीम में सौरभ सिंह और सार्थक गुप्ता सदस्य के रूप में शामिल रहे। टीम ने “डिजिटल खेती का नवीन युग: आईओटी के माध्यम से सटीक जल एवं कीटनाशक प्रबंधन” विषय पर अपना वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किया।

आईओटीवर्स क्लब के समन्वयक डॉ. अभिजीत सिंह ने प्रोजेक्ट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया:

"यह एक आईओटी (IoT) आधारित स्वचालित प्रणाली है जो फसलों की जरूरतों का खुद विश्लेषण करती है। यह तकनीक मिट्टी की नमी और फसल की स्थिति देखकर तय करती है कि उसे कितने पानी और कीटनाशक की जरूरत है, जिससे संसाधनों की बर्बादी रुकती है और उत्पादन बढ़ता है।"

निदेशक ने दी बधाई, कहा– क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण

संस्थान के निदेशक प्रो. शिव प्रसाद शुक्ल ने टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय मंचों पर जीत हासिल करना न केवल कॉलेज के लिए बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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