चित्रकूट : दीपदान को उमड़ी अपार आस्था, आकाशगंगा बनीं मंदाकिनी

रंग बिरंगी रोशनी से सराबोर धर्मनगरी में दीपदान को श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा...

चित्रकूट : दीपदान को उमड़ी अपार आस्था, आकाशगंगा बनीं मंदाकिनी

टिमटिमाती रोशनी में जगमगाया रामघाट

सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क रहा प्रशासन

चित्रकूट। रंग बिरंगी रोशनी से सराबोर धर्मनगरी में दीपदान को श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। दीपावली अमावस्या पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने देवगंगा मंदाकिनी में स्नान कर मत्यगयेन्द्र शंकर भगवान को जलाभिषेक कर कामदगिरि की परिक्रमा की तथा चित्रकूट परिक्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों में दर्शनार्थ पहुंचे। यूपी-एमपी सीमा पर बसी धर्मनगरी में लगने वाले पांच दिवसीय मेला दौरान 30 से 40 लाख श्रद्धालु विभिन्न ट्रेन, बसों व निजी वाहनों से धर्मनगरी आये।

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दीपाावली अमावस्या मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। मेले में सैकड़ों बसे व चार पहिया वाहनों के अधिक आने से पार्किंग स्थल भरे रहे। भीड़ का अधिक दबाव होने के कारण वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया गया। कामदगिरि के आसपास आस्थावानों की अपार भीड़ परिक्रमा मार्ग में रही। मंदाकिनी तट रामघाट में दिन-रात मेला चला। जब श्रद्धालुओं ने देवगंगा मंदाकिनी में दीपदान किया तो ऐसा लग रहा था मानो असंख्य तारे नदी में उतर आये हैं। श्रद्धालुओं ने बांस की बनी चौखट में एक साथ सैकडों दीपों को रखकर नदी में दीपदान किया।

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इस दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्क नजर बनी रही। वहीं अमावस्या मेला के लिये जिला प्रशासन ने इस वर्ष पूरी तैयारी के साथ व्यवस्थायें की थी। यूपी-एमपी क्षेत्र के पांच कोसी दीपदान मेला क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया गया है। खास कर रामघाट में नजारा शाम से अद्वितीय नजर आता है। जब रंग-बिरंगी रोशनी से घाट नहा जाते हैं। नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि रामघाट सहित सभी प्रमुख मार्गाे में प्रकाश की व्यवस्था की है। जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद व पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने भ्रमण कर मेला ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश देते रहे। जिससे मेला क्षेत्र में किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हो सकी। 

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प्रमुख पर्व दीपावली के पहले नरका चौदस की संध्या से कामदगिरि प्रमुख द्वार से बांके बिहारी मंदिर के पास परिक्रमा मार्ग में बैरीकेटिंग कर दी गई है। इसके अलावा इस मार्ग से प्रमुख द्वार को जाने वाले सभी रास्तों को भी बंद कर दिया गया है ताकि श्रद्धालु परिक्रमा लगाने के बाद दोबारा प्रमुख द्वार में न पहुंच पाए। जिससे भीड़ का दबाव न बढ़े। सतना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार कैप करते मेला पर नजर रखे हैं। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पुलिस कर्मियों का श्रद्धालुओं पर कड़ा पहरा है। वहीं पुलिस अधीक्षक चित्रकूट ने बताया कि मेला क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस जवान यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। दीपमालिका मेले में कामदगिरि की परिक्रमा तो लाखों श्रद्धालु लगाते हैं। पंच कोसी परिक्रमा में बांके सिद्ध, देवांगना, पंपापुर, सीता रसोई, हनुमानधारा, मत्यगेंद्रनाथ, कामतानाथ, रामशैय्या सहित भरतकूप आदि स्थान आते हैं।

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इन सभी स्थानों पर श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे और अपनी मन्नते मांगी। दीपदान मेला सुबह तक तो सामान्य स्थिति थी, लेकिन दोपहर बाद ट्रेनों में खचाखच भरी पहुंची। भीड का आलम यह था कि पैर रखने की जगह नहीं थी। रेलवे ने भी मेला को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किया। मेला स्पेशन ट्रेनों का संचालन किया गया है। कई ट्रेन का स्टापेज भी स्टेशनों में बढ़ा दिया है। चित्रकूट धाम कर्वी स्टेशन सहित अन्य जगहों पर सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीबी कैमरे लगा दिए गए हैं। जिनसे प्रत्येक गतिविधियां कैमरे की नजर में रही।

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