अतर्रा समाधान दिवस में आयुक्त ने सुनीं जनसमस्याएं, भीषण गर्मी के मद्देनजर विभागों को दिए कड़े निर्देश

तहसील अतर्रा में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार ने पुलिस उप महानिरीक्षक...

May 16, 2026 - 16:45
May 16, 2026 - 16:47
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अतर्रा समाधान दिवस में आयुक्त ने सुनीं जनसमस्याएं, भीषण गर्मी के मद्देनजर विभागों को दिए कड़े निर्देश

52 प्रार्थना पत्रों में से त्वरित निस्तारण के आदेश; बिजली, पानी, स्वास्थ्य और गौशालाओं की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा कालाबाजारी रोकने के लिए जारी किए व्यापक दिशा-निर्देश।

बाँदा। तहसील अतर्रा में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार ने पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राजेश एस. के साथ शिरकत की। इस दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना गया। समाधान दिवस में कुल 52 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आयुक्त ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अतर्रा को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए सात दिन के भीतर आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

आयुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को वर्तमान में बढ़ रही भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) के दृष्टिगत जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा ताकि आमजन को इस मौसम में राहत मिल सके।

प्रमुख विभागों को आयुक्त के कड़े निर्देश:

  • विद्युत विभाग: मण्डल में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफार्मरों और लाइनों की समयबद्ध मरम्मत हो तथा आपात स्थिति के लिए 'क्विक रिस्पॉन्स टीम' को सक्रिय रखा जाए। गलत बिलों का तत्काल संशोधन हो।
  • खाद्य एवं रसद विभाग: अधिकारी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करें। ईंधन और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति बनी रहे तथा कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।
  • स्वास्थ्य विभाग: अस्पतालों में हीट वेव (लू) से बचाव के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए जाएं। दवाओं, ओआरएस, शुद्ध पेयजल, कूलर और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था हो तथा एम्बुलेंस सेवाएं अलर्ट मोड पर रहें।
  • जल संस्थान/जल जीवन मिशन: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति हो। खराब हैंडपंपों को तत्काल ठीक कराया जाए और संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकर भेजे जाएं। मिशन के अंतर्गत खोदी गई सड़कों की तुरंत मरम्मत हो।
  • नगर विकास एवं पंचायतीराज: सार्वजनिक स्थलों पर हर 200 से 250 मीटर की दूरी पर पेयजल, छाया और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की जाए। जलभराव व गंदगी से मुक्ति के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए।
  • पशुपालन विभाग: समस्त गौशालाओं में गोवंश के लिए छायादार स्थान और पेयजल का पूरा प्रबंध हो। हरे चारे, भूसे, दवाओं, केयर टेकर के साथ-साथ सीसीटीवी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुचारू रहे।
  • कृषि विभाग: किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभों के प्रति जागरूक करते हुए मई 2026 तक शत-प्रतिशत रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण कराया जाए।

राजस्व व पुलिस विभाग: राजस्व विभाग संभावित सूखा और गर्मी से उत्पन्न परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखे। वहीं पुलिस विभाग भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आमजन की सहायता के लिए तत्पर रहे।

जनसमस्याओं का प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:

आयुक्त अजीत कुमार ने अंत में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी व प्रभावी निस्तारण तथा शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी पूर्ण उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन करें।

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