जनहित के मुद्दों पर सख्त हुए आयुक्त अजीत कुमार
चित्रकूटधाम मंडल बांदा के आयुक्त अजीत कुमार ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित जनहित से जुड़ी खबरों का गंभीर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागीय...
समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का लिया गंभीर संज्ञान, अधिकारियों को जारी किए कारण बताओ नोटिस
स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल बांदा के आयुक्त अजीत कुमार ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित जनहित से जुड़ी खबरों का गंभीर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही जनसुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने एवं विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुक्त ने जनपद चित्रकूट की तहसील मानिकपुर अंतर्गत ऐचवारा उपकेंद्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में आयोजित आरोग्य मेले से संबंधित प्रकाशित समाचार “ऐचवारा में नहीं पहुंचे डॉक्टर, मरीज की रही कतार” को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी चित्रकूट से स्पष्टीकरण मांगा है। समाचार के अनुसार आरोग्य मेले के दौरान अधिकांश चिकित्सकीय कर्मचारी अनुपस्थित रहे और मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट व पैरामेडिकल स्टाफ के भरोसे किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सेवाएं प्रभावित न हों और वैकल्पिक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं।
इसी क्रम में जनपद बांदा की ग्राम पंचायत अछरौड़ में उत्पन्न पेयजल संकट से संबंधित समाचार “अछरौड़ गांव में गहराया पेयजल संकट” का भी संज्ञान लिया गया। आयुक्त ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान बांदा तथा अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण से जवाब तलब किया है। समाचार में बताया गया था कि कई दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित है और ग्रामीण दूषित नदी का पानी उपयोग करने को मजबूर हैं। आयुक्त ने जर्जर पाइपलाइन तत्काल दुरुस्त कराने, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी खबर “कागजों में बह रहा पानी, हकीकत में प्यास से बेहाल हो रहे ग्रामीण” को भी गंभीरता से लिया गया है। आयुक्त ने अधिशासी अभियंता जल निगम चित्रकूट से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। समाचार में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई गांवों में नियमित जलापूर्ति शुरू न होने की बात सामने आई थी। आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण कराते हुए सभी अधूरे और बाधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त अजीत कुमार ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में व्यवस्थाओं में सुधार कर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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