बुन्देलखण्ड में आत्महत्या करने वाले दोनों किसान कर्ज से थे परेशान !?

बुन्देलखण्ड में आत्महत्या करने वाले दोनों किसान कर्ज से थे परेशान !?


बुन्देलखण्ड में कर्ज और मर्ज से परेशान किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें अब आम हो गई हैं। पिछले काफी वर्षों से ऐसी घटनायें रूकने का नाम ही नहीं ले रहीं। आज ऐसी ही दो घटनाओं ने बुन्देलखण्ड के इस जख़्म को फिर से ताजा कर दिया है। एक घटना बाँदा के बिसंडा से है तो दूसरी झांसी के मऊरानीपुर से। 

बाँदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मझीवासानी में सदानंद मिश्र (65) पुत्र बलदेव प्रसाद मिश्रा ने बीती रात सल्फास की गोलियां खा लीं, जिससे उन्हें उल्टियां होने लगीं। इलाज के लिए जैसे-तैसे उन्हें जनपद मुख्यालय स्थित ट्रामा सेंटर लेकर आए जहां डाॅक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। 

मृतक के भतीजे मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इलाहाबाद बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत तीन लाख रुपए कर्ज ले रखा है। इसके अलावा लगभग 50 हजार का कर्ज साहूकारों का है। कर्ज के कारण वह रात-दिन परेशान रहते थे। उनके पास लगभग 15 बीघा जमीन है, लेकिन पानी-पत्थर के कारण फसल खराब हो गई थी और जो बची-खुची फसल थी उसे अन्ना जानवरों ने चैपट कर दिया था। प्रकृति की इस बेरूखी से सदानंद बहुत ज्यादा परेशानी महसूस कर रहे थे, क्योंकि उन्हें लग रहा था, अगर फसल नहीं होगी तो बैंक का कर्जा कैसे चुकाएंगे। इसी बात से चिंतित होकर सदानंद ने सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक सदानंद के एक पुत्र व तीन बेटियां हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। इस घटना से परिवार में सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। इधर जब इस मामले में इंस्पेक्टर बिसंडा अखिलेश मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे घटना की जानकारी नहीं है। जब उनसे बताया कि सदानंद नाम के व्यक्ति का मेडिकल काॅलेज में पोस्टमार्टम हुआ है तब उन्होंने कहा कि परिजनों ने घटना की सूचना थाने में नहीं दी।

दूसरी घटना झांसी के मऊरानीपुर के धवाकर गांव की है। मऊरानीपुर से हमारे संवाददाता मोहम्मद शमीम ने बताया कि गांव में उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब एक 51 वर्षीय किसान पूरनलाल द्वारा तौलिया से फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त करने की सूचना मिली। मृतक पूरनलाल के भाई हरीराम ने बताया कि पूरनलाल और उसका बेटा दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। लाॅकडाउन के कारण वापस गांव लौटे थे। लेकिन कर्ज और आर्थिक तंगी के कारण पूरनलाल ने आज अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने भी शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वहीं मऊरानीपुर के उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि अभी हाल ही में मृतक पूरनलाल के एक वर्षीय नाती की भी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसका भी सदमा पूरनलाल को था। हालांकि किसान द्वारा कुछ रुपया भी कर्ज लेने की बात कही जा रही है। उन्होंने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता के अलावा और भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।