बांदा में गैस कालाबाजारी पर बड़ी स्ट्राइक : होटल साई दरबार और अराधना गैस एजेंसी पर FIR दर्ज
इस अभियान के तहत साई दरबार रेस्टोरेंट, सारंग होटल, सिग्नेचर रेस्टोरेंट, संकल्प इण्डेन गैस एजेंसी और अराधना इण्डेन गैस एजेंसी प्रमुख रूप से जांच के दायरे में रहे...
बांदा। शासन के निर्देशानुसार, जनपद बांदा में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग, भंडारण और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सभी तहसीलों में जांच टीमें गठित की गई हैं।
सदर तहसील के उप जिलाधिकारी नमन मेहता के नेतृत्व में, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, नायब तहसीलदार बांदा और पूर्ति निरीक्षकों की एक संयुक्त टीम ने 15 मार्च 2026 को नगर पालिका परिषद बांदा के अंतर्गत विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट्स और गैस एजेंसियों पर छापेमारी और जांच अभियान चलाया।
प्रमुख प्रतिष्ठानों की जांच
इस अभियान के तहत साई दरबार रेस्टोरेंट, सारंग होटल, सिग्नेचर रेस्टोरेंट, संकल्प इण्डेन गैस एजेंसी और अराधना इण्डेन गैस एजेंसी प्रमुख रूप से जांच के दायरे में रहे। जांच का मुख्य उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं, विशेषकर रसोई गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी और घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकना था।
होटल साई दरबार में मिली व्यापक कमियां
जांच के दौरान होटल साई दरबार में व्यापक कमियां पाई गईं। मौके पर कुल 12 गैस सिलेंडर मिले, जिनमें से 3 कमर्शियल और 9 घरेलू श्रेणी के थे। होटल संचालक घरेलू उपभोक्ताओं से सिलेंडर मांगकर व्यावसायिक उपयोग कर रहा था। पूछताछ के बाद, तीन घरेलू गैस कनेक्शनों की पासबुक जब्त की गई:
- श्रीमती शोभा देवी, निवासी नोनिया मोहाल बांदा (अराधना इण्डेन गैस सर्विस बांदा)
- श्रीमती लक्ष्मी देवी, निवासी शम्भू नगर बांदा (शर्मीला इण्डेन गैस सर्विस स्वराज कॉलोनी रोड बांदा)
- श्रीमती प्रभा देवी, निवासी ग्राम धाधूराम डेरा (एच.पी. गैस ग्रामीण गैस वितरण ग्राम-मवईबुजुर्ग)
रेस्टोरेंट संचालक द्वारा घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करना और बिना वैध अनुमति के बड़ी संख्या में सिलेंडरों का भंडारण एल.पी.जी. कंट्रोल ऑर्डर-2000 का उल्लंघन है। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। इसके चलते, होटल साई दरबार के संचालकों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई है।
अराधना इण्डेन गैस एजेंसी में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी
जांच में मे० अराधना इण्डेन गैस डी.सी.डी.एफ. कंपाउंड बांदा में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई। एजेंसी पर 14.2 किलोग्राम के 600 घरेलू सिलेंडरों और 19.5 किलोग्राम के 115 व्यावसायिक सिलेंडरों की कालाबाजारी करने का आरोप है।
अत्यधिक उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि बिना सिलेंडर की डिलीवरी हुए उनके मोबाइल नंबरों पर सिलेंडर बुकिंग और प्राप्ति के मैसेज प्राप्त हुए, जिसकी जांच में पुष्टि हुई। इस प्रकार, मे० अराधना इण्डेन गैस एजेंसी द्वारा घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों के व्यापक दुरुपयोग और कालाबाजारी के कारण एल.पी.जी. कंट्रोल ऑर्डर-2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 का उल्लंघन किया गया। एजेंसी के संचालक के खिलाफ भी थाना कोतवाली नगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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