सीएमओ ने घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
जनपद चित्रकूट में मानवता, संवेदनशीलता और प्रशासनिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है...
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अचेत मिले घायल की बचाई जान, जिला अस्पताल में कराया भर्ती
चित्रकूट। जनपद चित्रकूट में मानवता, संवेदनशीलता और प्रशासनिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने अपने भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में पड़े एक व्यक्ति की तत्परता से मदद कर उसकी जान बचाने का सराहनीय कार्य किया।
जानकारी के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी नियमित भ्रमण एवं निरीक्षण पर निकले हुए थे। इसी दौरान मार्ग में उन्हें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा दिखाई दिया। व्यक्ति अचेत था और उसकी स्थिति बेहद नाजुक प्रतीत हो रही थी। घटना को देखते ही सीएमओ ने तत्काल वाहन रुकवाया और बिना किसी देरी के स्वयं मौके पर पहुंचकर घायल का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। सुबह दस बजे हाईवे पर बेड़ीपुलिया के पास तेज रफ्तार ट्रक ने शीतलपुर तरौंहा निवासी 40 वर्षीय बाइक सवार उज्जैन सिंह को टक्कर मार दी। पैर व कमर में गंभीर चोट से वह सड़क पर तड़प रहा था। तभी वहां से गुजरे सीएमओ डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने गाड़ी रुकवाई। घायल को उठाकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर किया गया।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डॉ. त्रिपाठी ने एम्बुलेंस के पहुंचने का इंतजार करना उचित नहीं समझा। उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए घायल व्यक्ति को अपनी राजकीय गाड़ी में बैठाया और तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गए।
स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद सीएमओ ने स्वयं उपचार प्रक्रिया की निगरानी की और घायल को त्वरित प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई। चिकित्सकीय परीक्षण में मरीज की हालत गंभीर पाए जाने पर उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कर मरीज को बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कराया गया।
सीएमओ की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस प्रकार का मानवीय व्यवहार समाज के लिए प्रेरणादायक है। डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाएं भी किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यह घटना न केवल स्वास्थ्य विभाग की तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है। सीएमओ की इस पहल ने प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास को और मजबूत करने का काम किया है।
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