खेत बचाओ अभियान, एलनिनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम में शामिल हुए कृषि मंत्री

कृषि, शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग मंत्री सूर्य प्रताप शाही की मौजूदगी में कृषि विज्ञान केन्द्र गनीवा में खेत बचाओ अभियान, एलनिनो...

Jul 2, 2026 - 10:52
Jul 2, 2026 - 10:52
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खेत बचाओ अभियान, एलनिनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम में शामिल हुए कृषि मंत्री

कम पानी फसल और प्राकृतिक खेती करें किसान: मंत्री

प्रदर्शनी का किया अवलोकन

चित्रकूट। कृषि, शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग मंत्री सूर्य प्रताप शाही की मौजूदगी में कृषि विज्ञान केन्द्र गनीवा में खेत बचाओ अभियान, एलनिनो के प्रभाव से बचाव कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ।

मंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारतरत्न नानाजी देशमुख के चित्र व गोस्वामी तुलसीदास प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा श्री अन्न व अन्य विभागों द्वारा के लगाए गए स्टाल का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा, आरके सिंह पटेल, मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल, डीसीबी अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद नरेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष दीनदयाल सोध संस्थान बसंत पंडित, प्रमुख तकनीकी सलाहकार खाद्य एवं कृषि संगठन डॉ काकोली घोष, निर्देशक, राज्य कृषि प्रबल संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ रमेश कुमार मौर्य, संयुक्त राष्ट्र सदस्य एवं कृषि संगठन श्रीधर, ब्लाक प्रमुख पहाड़ी सुशील द्विवेदी, निदेशक कृषि विस्तार बांदा, डॉ एजे बाजपेयी, जिला महामंत्री आलोक पांडेय सहित प्रगतिशील किसान व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को कृषकों द्वारा पुष्पकुछ देकर सम्मानित किया गया।

मंत्री ने कहा कि महापुरुषों के प्रयासों एवं दूरदर्शी सोच के कारण ही चित्रकूट में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना का सपना साकार हो सका है। उन्होंने चित्रकूट से अपने पुराने एवं आत्मीय संबंधों का भी उल्लेख किया। मंत्री ने कहा कि आगामी तीन चार वर्ष कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतिपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों का प्रभाव विभिन्न देशों के साथ भारत पर भी पड़ रहा है जिसके कारण वर्षा में कमी की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसानों को क्षेत्र की जलवायु एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेत बचाओ कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को जागरूक करने एवं प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। कृषि गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण की जानकारी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट चिंता का विषय है। ट्यूबवेलों के माध्यम से अत्यधिक जल दोहन के कारण जल संकट गहराता जा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए गांवों के तालाबों की सफाई, जलसंचयन एवं वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों एवं किसानों से प्रत्येक बूंद पानी को बचाने का आह्वान किया। मंत्री ने किसानों से कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के अनुकूल खेती को अपनाना समय की आवश्यकता है और प्राकृतिक खेती की ओर लौटना ही भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जो विश्व की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट जनपद में उरद, कोदो, मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसे कम पानी में होने वाले बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और किसान इनका लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि श्री अन्न का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित की जाए। जिससे किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके तथा उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। मंत्री ने कहा कि किसान एवं कृषि विज्ञान केंद्र के बीच बेहतर समन्वय से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आया है तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के मध्य विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें जागरूक किया जाए। ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश और प्रदेश भी समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा ने कहा कि मंत्री द्वारा  प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि पर अच्छा कार्य किया जा रहा है जो कृषि के लिए महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सभी लोग जागरूक होकर प्राकृतिक खेती पर विशेष बल दें। पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती पर अधिक से अधिक बल दें। उन्होंने कहा कि सावा, कोदो, बाजरा, ज्वार आदि प्रमुख फसल है जिस पर सरकार द्वारा अच्छा पैसा दिया जा रहा है। पूर्व मंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि एलनीनो पर चर्चा की जा रही है। मौसम का उतार चढ़ाव हो रहा है, उस पर वैज्ञानिकों की गोष्ठी भी रखी जा रही है कि किस प्रकार इससे बचें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर जोर दें।

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