दूल्हे की हसरत रह गई अधूरी,बिना दुल्हन के लौट आई बारात

बारात लेकर दुल्हन लेने गए परिवार को बिना दुल्हन के ही घर वापस लौटना पड़ा। दूल्हे की भी हसरत अधूरी...

दूल्हे की हसरत रह गई अधूरी,बिना दुल्हन के लौट आई बारात

बांदा, बारात लेकर दुल्हन लेने गए परिवार को बिना दुल्हन के ही घर वापस लौटना पड़ा। दूल्हे की भी हसरत अधूरी रह गई। बारात लौटने का कारण दुल्हन के नाबालिग होने का मामला प्रकाश में आया है। वधू पक्ष के लोग लड़की की उम्र छुपा कर शादी कर रहे थे। प्रशासन ने उम्र का साक्ष्य मांगा तो  परिजन कोई अभिलेख दिखा नहीं पाए।

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बांदा शहर से इमरान की बारात महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र के कोहनिया गांव गई थी। बुधवार की रात बारात के पहुंचने पर वधू पक्ष के लोगों ने बारातियों का स्वागत किया और इसके बाद बारातियों को खाना खिलाया जा रहा था। उधर दूसरी तरफ शादी की रस्में चल रही थी। इसी बीच गांव के ही किसी व्यक्ति द्वारा प्रशासन को सूचना दे दी गई कि जिस लड़की की शादी की जा रही है वह नाबालिग है। 

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यह जानकारी मिलते ही जिला अधिकारी ने तुरंत एक्शन लिया। जांच के लिए एसडीएम कुलपहाड़ अरुण कुमार दीक्षित को निर्देशित किया। एसडीएम अपने साथ सीओ हर्षिता गंगवार व बाल कल्याण अधिकारी को लेकर मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने लड़की के परिजनों से लड़की का आधार कार्ड व अन्य शैक्षिक अभिलेख मांगे तो परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजन इस बात का दावा करते रहे कि लड़की बालिग है और अभिलेख दिखाने में आनाकानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों को जब लड़की के बालिग होने का कोई प्रमाण नहीं मिला तो उन्होंने तत्काल सभी रस्में  रुकवा दी।

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इसके बाद वर पक्ष व वधू पक्ष के लोग प्रशासन से शादी न रोकने के लिए गिड़गिड़ाते रहे। लेकिन एसडीएम ने बिना किसी साक्ष्य शादी न करने का आदेश दिया। इस तरह प्रशासन के आगे दोनों पक्षों को घुटने टेकने पड़े। दूल्हे की भी दुल्हन ले जाने की हसरत अधूरी रह गई और बरात को बिना दुल्हन के ही बैरंग लौटना पड़ा। इस मामले की पुष्टि  एसडीएम कुलपहाड़ अरुण कुमार दीक्षित द्वारा की गई है

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