नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हुई बैठक
डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं एसपी अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति 2020 के...
अपंजीकृत नावों को करें सीज, सुरक्षा मानकों में न हो चूक : डीएम
चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं एसपी अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में कैंप कार्यालय में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी कर्वी को निर्देशित किया कि विशेष कैंप आयोजित कर समस्त नावों का अनिवार्य पंजीकरण कराया जाए। पंजीकरण शुल्क सौ रुपए निर्धारित किया जाए तथा पंजीकरण संबंधी विवरण नावों पर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपंजीकृत नावों के विरुद्ध सीज की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिशासी अधिकारी, पर्यटन अधिकारी एवं संबंधित थाना प्रभारी को संयुक्त रूप से शहरी क्षेत्र में नावों का भौतिक सत्यापन कर मानकों के अनुरूपता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया तथा एक सप्ताह के भीतर आख्या प्रस्तुत करे। साथ ही प्रतिदिन संचालित नौका विहार एवं पर्यटकों की संख्या का सर्वे कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक नाव में यात्रियों की संख्या के अनुरूप लाइफ जैकेट, रस्सा, टॉर्च एवं प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि नाव संचालन के लिए चालक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए तथा उसे तैराकी का ज्ञान होना अनिवार्य है। नशे की स्थिति में नाव संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा प्रतिकूल मौसम में नाव संचालन नहीं किया जाएगा, जिसकी निगरानी संबंधित थाना प्रभारी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
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डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि नावों का तकनीकी परीक्षण केवल अधिकृत नाव निर्माताओं द्वारा ही किया जाए तथा समय-समय पर उनकी स्थिति का परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नाविकों को मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत उपलब्ध पांच लाख तक के ऋण का लाभ लेकर नावों के उन्नयन के लिए प्रेरित किया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रात्रि 10 बजे के पश्चात नाव संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। घाटों पर किराया, क्षमता, संचालन समय एवं चालक की आयु आदि का स्पष्ट उल्लेख पेंटिंग के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर कराया जाए। प्रत्येक नाव पर क्यूआर कोड अंकित कराया जाना एवं नाव बीमा कराना भी अनिवार्य किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि नाविकों के लिए ड्रेस कोड एवं पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लागू किया जाए तथा उनका एक पंजीकृत एसोसिएशन गठित कराया जाए। साथ ही एनडीआरएफ के सहयोग से सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए।
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रामघाट क्षेत्र में चिकित्सीय सुविधा सुदृढ़ करने के लिए आपदा विभाग द्वारा प्रस्ताव मुख्यालय प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। रामघाट एवं परिक्रमा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था कर उनका कंट्रोल रूम खोया-पाया केंद्र में स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्टील के चेंजिंग रूम स्थापित करने एवं घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मंदाकिनी नदी में जमी काई की सफाई को नाविकों को श्रमदान के लिए प्रेरित किया। जिससे स्वच्छता एवं सुगमता बनी रहे। एसपी अरुण कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि घाटों पर 24 घंटे निगरानी के लिए पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्रशेखर, उपजिलाधिकारी कर्वी अजय यादव सहित संबंधित अधिकारी व नाविक मौजूद रहे।
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