डीएम ने नदी में गिर रहे छह नालों का किया स्थलीय निरीक्षण
मां मंदाकिनी नदी की निर्मलता और स्वच्छता को अक्षुण्ण रखने के दृष्टिगत जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नदी में गिर रहे छह प्रमुख नालों का स्थलीय...
मंदाकिनी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की बड़ी पहल
64 करोड़ की लागत से बनेगा 10 एमएलडी का एसटीपी
टैपिंग कार्य जल्द शुरू करने के दिए निर्देश
चित्रकूट। मां मंदाकिनी नदी की निर्मलता और स्वच्छता को अक्षुण्ण रखने के दृष्टिगत जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नदी में गिर रहे छह प्रमुख नालों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान नालों को अविलंब ट्रैप करने तथा दूषित जल के शोधन के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य की कार्य योजना की समीक्षा की। उन्होंने विस्तृत तकनीकी जानकारी देते हुए अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय बांदा अमित कुमार ने अवगत कराया कि मंदाकिनी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से लगभग 64 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक एसटीपी का निर्माण प्रस्तावित है। इस नए शोधन संयंत्र की कुल क्षमता 10 एमएलडी न्यूनतम मिलियन लीटर प्रतिदिन होगी। जिससे नगर से निकलने वाले उत्प्रवाह (सीवेज) को नदी में गिरने से पहले पूरी तरह शोधित किया जा सकेगा।
डीएम पुलकित गर्ग ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना एवं अन्य तकनीकी औपचारिकताओं को अविलंब पूर्ण कर निर्माण कार्य ससमय प्रारंभ किया जाए। निर्माण कार्य में उच्च स्तरीय मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। जल निगम और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय बनाकर नालों की टैपिंग के कार्य की प्रगति की निरंतर समीक्षा करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मां मंदाकिनी नदी जन आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ अमूल्य जल धरोहर हैं। इसमें किसी भी प्रकार का अशोधित जल या गंदगी गिरना सर्वथा असहनीय है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से मंदाकिनी नदी के जल की शुद्धता सुनिश्चित होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। निरीक्षण के दौरान जल निगम के अभियंता, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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