दिल्ली अध्यक्ष बनते ही आदेश गुप्ता ने कही ये अच्छी बात

दिल्ली अध्यक्ष बनते ही आदेश गुप्ता ने कही ये अच्छी बात
आदेश कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, दिल्ली भाजपा प्रदेश

@ सौरभ द्विवेदी
राजनीति को लेकर लोगों का अलग-अलग नजरिया है। इसका एक नजरिया होर्डिंग्स-पोस्टर आदि माध्यम से जान-पहचान बनाना और अपना महत्व जतलाना है। चंद पैसे वाले लोग इस दौर मे राजनीति का यही हथकंडा अपना रहे हैं। लेकिन दिल्ली प्रदेश के नव मनोनीत प्रदेश अध्यक्ष का एक ट्विट वर्तमान राजनीति और नेताओं को दर्शन प्रदान कर रहा है।
दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने ट्विट कर कोरोना का हवाला दिया। उन्होंने लिखा कि मुझे जब जिम्मेदारी दी गई तब देश भर मे कोरोना संक्रमण पैर पसार रहा है। हम कोरोना संक्रमण से जंग लड़ रहे हैं।
इस जंग को धारदार बनाने के लिए जिन कार्यों की आवश्यकता है , वैसे ही कार्य करने के लिए निवेदन किया गया। आदेश कुमार गुप्ता ने आगे लिखा कि मेरे नाम और फोटो के पोस्टर आदि बधाई संदेश ना बनवाकर गरीब-जरूरतमंद को राशन सामग्री बांटे।
हकीकत मे यह हर समय होना चाहिए। नेताओं को होर्डिंग्स-पोस्टर मे धन ना बर्बाद कर सदुपयोग करना चाहिए। होर्डिंग मे लगने वाले धन से किसी गरीब जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए। यह काम हमेशा होना चाहिए। इसका सदुपयोग पर्यावरण संरक्षण के लिए भी किया जा सकता है। उसी धन से वृक्ष लगाए जा सकते हैं।
यह सभी जानते हैं कि होर्डिंग्स पर धन जाया हो जाता है। एक दिन पोस्टर फट जाते हैं , इन माध्यम से नाम और फोटो का परिचय जरूर हो जाता है पर जनता के हृदय मे जगह नहीं बन पाती है। इसलिए आवश्यक है कि नेता अपनी फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाएं। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की कही बात को मानें और अनुकरण कर राजनीति की नई मिसाल पेश करें।
अगर मोटा - मोटा आंकड़ा जोड़ लें तो तमाम उत्सव आदि के संबंध में दिए गए शुभकामना संदेश पर ही एक नेता कम से कम चार से दस हजार रूपए तक फिजूलखर्ची कर देते हैं , इन शुभकामनाओं से जनता के दिन कभी शुभ नहीं हुए। यह भी सच है कि बड़ी से बड़ी हैसियत वाले नेता लाखों ₹ की होर्डिंग्स लगा डालते हैं परंतु गरीब के घर में दीपक भी नहीं प्रज्वलित कर पाते हैं।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का यह ट्विट कोरोना संक्रमण मे मानसिक संक्रमण समाप्त करने की ओर अधिक इशारा करता है। स्वस्थ मानसिकता के साथ समाज के हित में कम से कम खर्च वाली राजनीति होनी चाहिए व मानवीय राजनीति होनी चाहिए।