बुन्देलखण्ड की धरती पर सजा उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला
बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 26 से 28 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेले...
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया उद्घाटन, 5 हजार किसानों की भागीदारी
दलहन, तिलहन व नई तकनीकों पर विशेष जोर, उत्कृष्ट किसानों को सम्मान
बांदा। बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 26 से 28 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेले का शुभारंभ आज प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया।
उद्घाटन अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री शाही ने कहा कि देश के किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनकी समृद्धि ही राष्ट्र की उन्नति का आधार है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय में मात्र 460 विद्यार्थी और 13 शिक्षक थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 1500 विद्यार्थियों और 120 शिक्षकों तक पहुंच गई है। प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 2 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है, जो सरकार की योजनाओं का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विकसित तकनीकें सीधे किसानों तक पहुंचनी चाहिए। बुन्देलखण्ड की जलवायु को देखते हुए स्पीड ब्रीडिंग के माध्यम से नई किस्मों के विकास, सरसों बीज के दीर्घकालिक भंडारण, गेहूं की परंपरागत किस्मों के संरक्षण तथा बाजरा, मसूर और अलसी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। तिलहन और दलहन उत्पादन मिशन की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र दलहन उत्पादन की पहचान बनाए रखे।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने नासिक से बेहतर खरीफ प्याज की किस्म विकसित की है, जो क्षेत्र के किसानों के लिए मॉडल बन सकती है।
विशिष्ट अतिथियों के विचार
कार्यक्रम में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही राष्ट्र की समृद्धि है। यह विश्वविद्यालय देश के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों में शामिल है और बुन्देलखण्ड की खेती की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा रहा है।
नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने महिला कृषकों के सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि महिला केंद्रित कृषि यंत्रों और तकनीकों का विकास समय की मांग है।
गौसेवा आयोग, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने प्राकृतिक एवं गौ-आधारित खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों पर चिंता जताई।
पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने कहा कि बांदा और झांसी मंडल से रिकॉर्ड गेहूं खरीद प्रदेश सरकार की उपलब्धि है। बुन्देलखण्ड के बासमती धान को GI टैग मिलने से किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
डॉ. गिरीश प्रसाद दीक्षित को कृषि अनुसंधान गौरव सम्मान
विश्वविद्यालय द्वारा डॉ गिरीश प्रसाद दीक्षित, निदेशक, भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान को दलहन के आनुवंशिक सुधार में उत्कृष्ट योगदान हेतु ‘कृषि अनुसंधान गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया। उन्होंने मटर सहित 30 से अधिक उच्च उत्पादक किस्में विकसित की हैं, जिनका देश की दलहन आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान है।
उत्कृष्ट किसानों व संस्थानों का सम्मान
मंत्री ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 10 किसानों को ‘उत्कृष्ट किसान सम्मान’ से सम्मानित किया। ललितपुर के ककरुआ स्वयं सहायता समूह को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन में उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र जालौन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, छाता (प्रयागराज) के वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया।
120 से अधिक स्टॉल, 5 हजार किसानों ने किया भ्रमण
कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। निदेशक प्रसार डॉ. एन.के. बाजपेई ने बताया कि मेले में 120 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थानों, शासकीय विभागों, एफपीओ एवं स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता रही।
पहले दिन लगभग 5 हजार किसानों ने मेले का भ्रमण कर तकनीकी सत्रों में भाग लिया। तीन दिवसीय यह आयोजन बुन्देलखण्ड के कृषि परिदृश्य को नई दिशा देने की उम्मीद जगा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
