बांदा शहर को गर्मी में मिलेगी निर्बाध बिजली, दो नए उपकेंद्र हुए ऊर्जीकृत
बांदा शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में लगातार बढ़ रहे विद्युत भार और आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए विद्युत विभाग ने पुख्ता...
भूरागढ़, पीलीकोठी, चिल्ला रोड और तुलसी नगर उपकेंद्रों का लोड होगा कम
संकटमोचन और नवाब टैंक के नए उपकेंद्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फीडर
एक माह तक चले वृहद अनुरक्षण कार्य भी हुए पूरे, सुधरेगी बिजली आपूर्ति
बांदा। बांदा शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में लगातार बढ़ रहे विद्युत भार और आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए विद्युत विभाग ने पुख्ता इंतज़ाम कर लिए हैं। बिजली विभाग द्वारा बिजनेस प्लान के अंतर्गत नवसृजित दो नए 33/11 केवी उपकेंद्रों – 'संकटमोचन (जहीर क्लब)' और 'नवाब टैंक' – को ऊर्जीकृत (चालू) कर दिया गया है। इस पहल से शहर में सुचारू और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
ज्ञात हो कि पिछले कुछ वर्षों से बांदा शहर में विद्युत की मांग में काफी वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा 33/11 केवी उपकेंद्र भूरागढ़, पीलीकोठी, चिल्ला रोड और तुलसी नगर बुरी तरह अतिभारित (ओवरलोडेड) हो गए थे। इस समस्या के स्थायी समाधान और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से नए उपकेंद्रों की स्थापना की गई है।
भार का हुआ हस्तांतरण:
नए उपकेंद्रों के चालू होने के साथ ही पुराने उपकेंद्रों से लोड को हस्तांतरित करने का कार्य भी संपन्न कर लिया गया है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- 33/11 केवी उपकेंद्र संकटमोचन (जहीर क्लब) में अब '11 केवी भूरागढ़ फीडर' (जो पहले भूरागढ़ उपकेंद्र से था), '11 केवी बाम्बेश्वर फीडर' और '11 केवी रोडवेज फीडर' (दोनों पहले चिल्ला रोड उपकेंद्र से थे) का लोड ले लिया गया है।
- इसी प्रकार, 33/11 केवी उपकेंद्र नवाब टैंक में '11 केवी पेयजल फीडर', '11 केवी नवाब टैंक फीडर' (दोनों पहले तुलसी नगर उपकेंद्र से थे) और '11 केवी टेलीफोन फीडर' (पहले पीलीकोठी उपकेंद्र से था) का विद्युत भार जोड़ दिया गया है।
मेंटेनेंस का कार्य भी हुआ पूरा:
बिजली व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए विभाग ने केवल लोड ही नहीं बाँटा, बल्कि एक वृहद स्तर पर मेंटेनेंस अभियान भी चलाया। विद्युत लाइनों और उपकेंद्रों के अनुरक्षण (मेंटेनेंस) का कार्य 16 फरवरी 2026 से शुरू होकर 15 मार्च 2026 तक बड़े पैमाने पर पूर्ण कर लिया गया है।
इस दोहरी कार्ययोजना (नए उपकेंद्रों का संचालन और वृहद मेंटेनेंस) के चलते अब शहर बांदा के अंतर्गत स्थापित समस्त पुराने उपकेंद्रों का भार 'अंडरलोड' (संतुलित) हो गया है और विद्युत लाइनें भी सही हो गई हैं। विभाग का दावा है कि इन तैयारियों के बाद, आगामी गर्मी के महीनों में शहरवासियों को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करने में किसी भी प्रकार की कोई असुविधा नहीं होगी।
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