सड़क दुर्घटना संबंधी प्रशिक्षण में दी गई योजना की जानकारी
सडक दुर्घटना से सम्बन्धित प्रशिक्षण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा भूपेश द्विवेदी, नोडल अधिकारी आयुष्मान...
चित्रकूट। सडक दुर्घटना से सम्बन्धित प्रशिक्षण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा भूपेश द्विवेदी, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डा एनके जतारया, चिकित्सा अधीक्षक पहाडी, शिवरामपुर, मानिकपुर, अमित श्रीवास्तव ई डार मैनेजर एनआईसी चित्रकूट, डीआईयू से दीपक गौतम, डा राजकमल, प्रशान्त श्रीवास्तव, संजीवनी चिकित्सालय से डा रोहित गुप्ता, आईएसए से डीपीसी विष्णुदत्त एवं चिकित्सालयों से आरोग्य मित्र मौजूद रहे।
प्रशिक्षण में बताया गया कि योजना भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांस्पोर्ट एण्ड हाईवेज द्वारा आरम्भ की गई है। जिसमें दुर्घटनाग्रस्त होने वाले मरीज चाहे वह भारत का नागरिक या विदेशी नागरिक हो को दुर्घटना से 24 घण्टे के भीतर नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाना अनिवार्य है। दुर्घटना होने के 24 घंटे बाद आने वाले मरीज इस योजना के पात्र नहीं होंगे। दुर्घटनाग्रस्त मरीज को पुलिस, राहगीर, परिजन, अन्य किसी के माध्यम से नजदीकी चिकित्सालय तक पहुंचाया जायेगा। जहां पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत ई-डार आईडी के माध्यम से मरीज को अधिकतम सात दिन तक चिकित्सालय में भर्ती रखकर अधिकतम 1.50 लाख तक की सीमा तक निःशुल्क उपचार किया जायेगा। योजना अन्तर्गत प्रति व्यक्ति प्रति दुर्घटना 1.50 लाख तक की सीमा तक का प्रावधान है। ई-डार आईडी निरस्त होने या दुर्घटना प्रमाणिक न होने पर मरीज तीन दिन स्वतः ही पोर्टल से डिस्चार्ज हो जायेगा।
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