जिला जज ने लोक अदालत प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश...
चित्रकूट। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश शेषमणि शुक्ल, पद्माकरमणि त्रिपाठी पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, राकेश कुमार यादव प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, सन्तोष कुमार तृतीय स्थायी लोक अदालत, राहुल मिश्रा प्रथम अपर जिला जज, अनुराग कुरील अपर जिला जज एफटीसी, गीता सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, राममणि पाठक अपर जिला जज एफटीसी नोडल अधिकारी लोक अदालत एवं रेनू मिश्रा विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट द्वारा प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।
रैली में अग्रणी बैंक के तत्वावधान में प्रचार वाहन के माध्यम से कर्वी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुये नौ मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में भी आम जनमानस को जागरूक किया गया। अपर जिला जज राममणि पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नौ मई को जनपद न्यायालय एवं समस्त तहसीलों में शमनीय आपराधिक वाद, धारा-138 एनआई एक्ट, मोटर एक्सीडेंट क्लेम वाद, श्रम वाद, बैंक वसूली वाद, विद्युत अधिनियम और जल वाद, सर्विस मैटर्स, पारिवारिक, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, राजस्व चकबन्दी वाद, किरायेदारी वाद, सुखाधिकार वाद, स्थायी निषेधाज्ञा व सिविल वाद, मनी वसूलीवाद, विनिर्दिष्ट अनुतोष वाद, मोटर वाहन ई-चालानध्लघु आपराधिक वादों, श्रमवाद, प्री-लिटिगेशन के माध्यम से ऐसे वाद जो अभी न्यायालय के समक्ष नही आये हैं विशेषकर पारिवारिक मामले, उपभोगता फोरम तथा आर्बिट्रेशन सम्बन्धित वादों एवं अन्य प्रकार के जिन वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर हो सकता है, उन्हे भी अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित किया जायेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैंकों एवं पराविधिक स्वयं सेवकों के सहयोग से राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार प्रसार एवं आमजन मानस को जागरूक करने के लिये रैली निकाली गयी। राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों में लगी कोर्ट फीस वापस हो जाती है। मुकदमें बाजी से छुटकारा जल्दी मिल जाता है। आर्थिक व्यय व समय की बचत होती है। इस अवसर पर राजेन्द्र प्रसाद भारती मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सचिन कुमार दीक्षित सिविल जज सीडि सहायक नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, अश्वनी कुमार उपाध्याय सिविल जज सीडि, अंशुमान यादव अतिरिक्त सिविल जज सीडि, विदिशा भूषण सिविल जज जूडि, सृष्टि शुक्ला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, अभिनव कुमार दुबे न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, अनुराग शर्मा अग्रणी प्रबन्धक इण्डियन बैंक, सुरेन्द्र कुमार जिला सूचना अधिकारी, जनपद न्यायालय में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
