प्रशिक्षण में डीएम ने साझा किए प्रशासनिक अनुभव
यूपीटीयू परिसर में प्रांतीय सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के 88वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रमश् का आयोजन किया जा रहा है...
प्रोन्नत डिप्टी कलेक्टरों को दी महत्वपूर्ण जानकारियां
चित्रकूट। यूपीटीयू परिसर में प्रांतीय सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के 88वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रमश् का आयोजन किया जा रहा है। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जिलो से प्रांतीय सिविल सेवा की कार्यकारी शाखा में प्रोन्नत हुए 59 डिप्टी कलेक्टर प्रतिभाग कर रहे हैं।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सोमवार को डीएम पुलकित गर्ग ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होकर संवर्धित अधिकारियों के साथ अपने वृहद प्रशासनिक अनुभवों को साझा किया। अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रांतीय सिविल सेवा के शीर्ष पद (डिप्टी कलेक्टर) पर दायित्व ग्रहण करने के पश्चात अधिकारियों को अपनी कार्यशैली अत्यंत पारदर्शी, संवेदनशील और न्यायसंगत रखनी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि एक लोक सेवक की उत्कृष्ट कार्यशैली ही जनमानस में शासन और प्रशासन के प्रति अटूट विश्वास एवं सकारात्मक छवि का निर्माण करती है। क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा का पथ अनेक जटिलताओं और चुनौतियों से भरा होता है, परंतु एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी को धैर्य और नियमसंगत तरीके से उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर सर्वाधिक प्रकरण भूमि विवादों से संबंधित आते हैं। इन संवेदनशील मामलों का निस्तारण केवल कागजी न होकर पूर्णतः गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और स्थायी होना चाहिए। ताकि समाज में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे। यह आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रोन्नत अधिकारियों को नवीन विधिक प्रक्रियाओं, राजस्व मामलों और आधुनिक गवर्नेंस के सिद्धांतों से लैस करने के उद्देश्य से निरंतर जारी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
