शिक्षा संस्कार और सामाजिक सरोकारों का संगम बना एल्युमिनाई मिलन

ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में आयोजित “पुरा छात्र समागम–2026” केवल एक एल्युमनाई मिलन नहीं बल्कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक...

May 18, 2026 - 18:55
May 18, 2026 - 18:56
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शिक्षा संस्कार और सामाजिक सरोकारों का संगम बना एल्युमिनाई मिलन
  • महाविद्यालय लगातार स्थापित कर रहा नए आयाम प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह
  • महाविद्यालय हम सभी को जोड़ने वाला भावनात्मक धागा -डॉ ज्ञान प्रकाश वर्मा
  • इसी पर परिसर ने दी समाज सेवा की प्रेरणा- डॉ प्रभाकर सिंह

चित्रकूट/प्रयागराज। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में आयोजित “पुरा छात्र समागम–2026” केवल एक एल्युमनाई मिलन नहीं बल्कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और आत्मीय रिश्तों का जीवंत उत्सव बन गया। स्टूडेंट एल्युमनाई एसोसिएशन एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपने छात्र जीवन की यादों को साझा किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के यशस्वी प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया।एल्युमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश वर्मा ने कहा कि ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र है। उन्होंने कहा कि “यह महाविद्यालय हम सभी पूर्व छात्रों को एक सूत्र में बांधने वाला धागा है। माता-पिता और गुरुजनों के बाद अपने शिक्षण संस्थान के प्रति जिम्मेदारी निभाना हमारा नैतिक कर्तव्य है।”महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंहनी अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय लगातार प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के 22 राज्यों से छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जो संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा और गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से महाविद्यालय के विकास में सतत सहयोग की अपील भी की।

एल्युमनाई एसोसिएशन के सचिव एवं समाजसेवी डॉ. प्रभाकर सिंह ने कहा कि इसी महाविद्यालय परिसर ने उनमें समाजसेवा की भावना को जागृत किया। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के दौरान प्राप्त सीख को ही उन्होंने अपने जीवन का आधार बनाया और चित्रकूट क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता एवं भयमुक्त वातावरण के लिए पदयात्राओं और जनअभियानों का संचालन किया।

मुख्य अतिथि प्रो. एन. के. शुक्ला ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज को निरंतर प्रगति करते हुए देखा है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिवार की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी संबद्ध महाविद्यालय उसकी मजबूत शाखाएं हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित अनेक पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए। किसी ने कॉलेज की अनुशासन व्यवस्था को याद किया तो किसी ने यहां के गुरुजनों के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का आधार बताया। वरिष्ठ पार्षद राजू शुक्ला ने महाविद्यालय के संघर्षपूर्ण इतिहास को याद करते हुए कहा कि यह संस्थान संघर्ष, समर्पण और गुणवत्ता की मिसाल है। वहीं विकास पथ सेवा संस्थान चित्रकूट की तरफ से संजय मिश्रा ने कामदगिरि पर्वत की प्रतिमा  देकर और पट्टीका पहना करके उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. विकास कुमार, डॉ. रागिनी राय, डॉ. शैलेश यादव, डॉ. शिवजी वर्मा, डॉ. विवेक कुमार यादव, डॉ. अहमद, डॉ. अंकित पाठक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, पूर्व छात्र एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अंकित पाठक ने किया।

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