वंदे भारत समेत ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने को आरपीएफ का अभियान, समाजसेवियों से मांगा सहयोग
देशभर में रेलवे सुविधाओं के विस्तार और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन के बीच ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाएं रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं...
बांदा। देशभर में रेलवे सुविधाओं के विस्तार और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन के बीच ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाएं रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसी समस्या पर अंकुश लगाने के लिए बांदा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
शुक्रवार को आरपीएफ थाना परिसर में प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी की अध्यक्षता में जिले के प्रमुख समाजसेवियों, प्रबुद्ध नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों और बच्चों को जागरूक करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने बताया कि खेल-खेल में बच्चे अक्सर गुजरती ट्रेनों पर पत्थर फेंक देते हैं, जिससे ट्रेनों के शीशे टूट जाते हैं और कई बार यात्रियों को गंभीर चोटें भी लग जाती हैं। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि यदि रेलवे ट्रैक के आसपास बसे गांवों में जनजागरूकता बढ़ाई जाए और समाज के जिम्मेदार लोग इसमें सहयोग करें, तो ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
बैठक में ग्राम प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी संकटा प्रसाद त्रिपाठी ने आरपीएफ को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि बच्चों को समझाकर ऐसी घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता है।
अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश दुबे 'गुड्डा' ने कहा कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं क्षेत्र की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इससे यहां आने वाले बाहरी पर्यटकों और यात्रियों के बीच गलत संदेश जाता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
बैठक में यूपी एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के जिलाध्यक्ष सीपी तिवारी, डा. धर्मेंद्र त्रिपाठी, अंतरिक्ष सिंह पटेल, धीरेन्द्र पाण्डेय 'धीरू', पुलिस निरीक्षक राजकुमार यादव सहित कई समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आरपीएफ ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को रेल सुरक्षा और पत्थरबाजी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।
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