यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम पर सस्पेंस बरकरार, केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार

उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन की नई टीम को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच उत्सुकता बनी हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश संगठन की प्रस्तावित सूची...

Jun 17, 2026 - 15:45
Jun 17, 2026 - 15:46
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यूपी बीजेपी संगठन की नई टीम पर सस्पेंस बरकरार, केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार
सांकेतिक फ़ोटो - सोशल मीडिया

प्रदेश संगठन की सूची दिल्ली पहुंची, निगम-बोर्ड और आयोगों में नियुक्ति के दावेदारों की बढ़ी बेचैनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन की नई टीम को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच उत्सुकता बनी हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश संगठन की प्रस्तावित सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी गई है और अब अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि सूची जारी होने में अधिक समय नहीं लगेगा, लेकिन कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और अगले वर्ष मार्च से पहले चुनाव होने की संभावना है। वहीं कुछ राजनीतिक हलकों में समय से पहले चुनाव कराए जाने की चर्चाएं भी तेज हैं। ऐसे में प्रदेश संगठन का गठन लंबित रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक सबसे अधिक उत्सुकता उन नेताओं में है जो निगमों, आयोगों, बोर्डों और प्राधिकरणों में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर भी कई नामों को लेकर मंथन जारी है। विशेष रूप से काशी क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पसंद के नेताओं को प्राथमिकता मिलने की चर्चा है।

भाजपा के छह क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन को लेकर भी अभी सहमति नहीं बन पाई है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न जातीय समीकरणों को संतुलित करने की है, क्योंकि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण का मुकाबला करना होगा।

गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति को छह माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन संगठन का पूर्ण गठन अभी तक नहीं हो सका है। पार्टी ने इस बार संगठन में दो प्रमुख मानदंड तय किए हैं। पहला, जो पदाधिकारी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बन चुके हैं, उन्हें संगठनात्मक पदों से बदला जाएगा। दूसरा, जो पदाधिकारी संगठन में लगातार 10 वर्ष पूरे कर चुके हैं, उनके स्थान पर नए चेहरों को अवसर दिया जा सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व संगठन में अनुभव और सामाजिक संतुलन के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहा है, इसलिए अंतिम सूची पर व्यापक मंथन जारी है। अब सभी की निगाहें केंद्रीय नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

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