बाल अपचारियों को दी गई सीख, बताए गए कानूनी अधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने...
चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
सचिव ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में आवासित बाल अपचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत की। निःशुल्क अधिवक्ता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया और किसी बाल अपचारी के पास अधिवक्ता उपलब्ध ना हो तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अपने वाद की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त करने के संबंध में बताया। विधिक साक्षरता शिविर में बाल अपचारियों को यौन उत्पीड़न के बारे में विस्तार से बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध किया गया अवांछित यौन व्यवहार ही यौन उत्पीडन है। यह व्यक्ति को अपमानित, भयभीत या असहज महसूस कराता है। यह कार्यस्थल, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर हो सकता है। किशोर अपचारियों को उनके द्वारा की गयी गलतियों को सुधारने एवं समाज में एक अच्छे व्यक्ति बनकर रहने एवं शिक्षा की ओर ध्यान केन्द्रित किये जाने के लिए प्रेरणा दी गयी। योगेन्द्र सिंह सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल ने बताया कि कार्यस्थल, सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं का यौन उत्पीडन नहीं किया जाना चाहिए। यौन उत्पीडन एक सामाजिक बुराई के साथ व्यक्ति की गरिमा, मानसिक शान्ति और सुरक्षा के अधिकारों का गम्भीर उलंघन भी है। भारतीय न्याय संहिता के अन्तर्गत यौन उत्पीडन को दण्डनीय बनाया गया है। स्वाती तिवारी सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल ने शिक्षा के अधिकार के बारे में बताया। इस अवसर पर अंशुमान यादव प्रधान मजिस्ट्रेट राजकीय किशोर न्याय बोर्ड, बीर सिंह कनिष्ठ सहायक, दीपक शर्मा परामर्शदाता आदि मौजूद रहे।
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