जल्ला गांव के प्राचीन कालका देवी मंदिर में धूमधाम से लगा जवारा मेला
विकास खंड क्षेत्र के जल्ला गांव स्थित प्राचीन कालका देवी मंदिर में जवारा मेला का भव्य आयोजन श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। इस दौरान भक्तों...
श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर किया जवारा विसर्जन, भक्ति गीतों से गूंजा वातावरण
कुरारा, हमीरपुर। विकास खंड क्षेत्र के जल्ला गांव स्थित प्राचीन कालका देवी मंदिर में जवारा मेला का भव्य आयोजन श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। इस दौरान भक्तों ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भक्ति भाव से देवी की आराधना की।
मेला के दौरान महिलाएं सिर पर जवारा रखकर देवी गीत गाते हुए चल रही थीं, वहीं श्रद्धालु टोलियों में अचरी गायन करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। गांव के विभिन्न देव स्थलों पर पूजन के बाद मंदिर प्रांगण में जवारा का विसर्जन किया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जल्ला गांव के इस प्राचीन कालका देवी मंदिर में सैकड़ों वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। चैत्र माह की पूर्णिमा पर प्रतिवर्ष यह मेला धूमधाम से आयोजित किया जाता है, जिसके साथ ही पांच दिवसीय मेला भी लगता है। इस दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर अपनी आवश्यकताओं का सामान खरीदते हैं।
मंदिर के पुजारी रामनरायण ने बताया कि देवी की पालकी गांव के भीतर से सुसज्जित कर निकाली जाती है, जो शाम को मंदिर प्रांगण में आकर संपन्न होती है। इस अवसर पर मंदिर में मुंडन संस्कार, कन्या भोज और विवाह से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी पूरी की जाती हैं।
ग्राम प्रधान संतोष सिंह ने बताया कि इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है और अन्य जनपदों से भी श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं। भक्तजन पान-बताशा अर्पित कर देवी की आराधना करते हैं।
मेले के दौरान एक कुंतल से अधिक वजन की लोहे की सांग को चरखी के माध्यम से मंदिर तक लाया जाता है, जिसे श्रद्धालु पारंपरिक आस्था के तहत मुंह में छेदकर पूजा करते हैं।
जवारा मेला में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मेले में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की, वहीं लोगों ने लाठी सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की भी खरीद की। यह मेला आज से प्रारंभ होकर आगामी पांच दिनों तक चलेगा।
रिपोर्ट : अखिलेश सिंह गौर, (कुरारा) हमीरपुर...
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
