डिफेंस कॉरिडोर से चमक उठेगा बुंदेलखंड और मिलेगा रोजगार, जानिए कैसे

डिफेंस कॉरिडोर एक रूट होता है, जिसमें कई शहर शामिल होते हैं। इन शहरों में सेना के काम आने वाले सामानों के निर्माण के लिए इंडस्ट्री-उद्योग विकसित किया जाता है..

डिफेंस कॉरिडोर से चमक उठेगा बुंदेलखंड और मिलेगा रोजगार, जानिए कैसे
डिफेंस कॉरिडोर ( Defense Corridor )

डिफेंस कॉरिडोर एक रूट होता है, जिसमें कई शहर शामिल होते हैं। इन शहरों में सेना के काम आने वाले सामानों के निर्माण के लिए इंडस्ट्री-उद्योग विकसित किया जाता है। कई कंपनियां इस परियोजना का हिस्सा बनती हैं। ऐसा ही डिफेंस कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर व लखनऊ में बनाया जा रहा है। जिसमें रक्षा उत्पाद गोला, बारूद, तोप बंदूक आदि का निर्माण होगा।

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इस बारे में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के बाद हम रक्षा उपकरणों के लिए अन्य देशों पर निर्भर नहीं रहेंगे। मिसाइल, ड्रोन, रायफल, पिस्टल समेत अन्य रक्षा उत्पादों का देश में ही उत्पादन होगा, जिससे देश की जीडीपी में भी इजाफा होगा।

उन्होंने निवेशकों एवं उद्यमियों से आह्वान किया कि वह डिफेंस कॉरिडोर में अपनी इकाइयों की स्थापना के लिए आगे आएं। सरकार अधिग्रहीत भूमि को कम कीमत पर आवंटित कर रही है। देश के प्रधानमंत्री ने सबका साथ-सबका विकास के साथ ही सबको विश्वास में लेकर राष्ट्रहित में कार्य किया है और भविष्य में भी करते रहेंगे।

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उन्होंने कहा कि अब बिचौलियों का खेल खत्म हो गया है। प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। पूर्व की सरकारों में इंडस्ट्री की स्थापना करने पर दो लोगों का फायदा होता था, अब प्रदेश ही नहीं बल्कि देश का भी विकास हो रहा है।

डिफेंस कॉरिडोर ( Defense Corridor )

यहां की बनी हुई मिसाइल दुश्मन की धरती का सीना चीर रहीं होगी तो क्षेत्रीय निवासी कह सकेंगे कि यह मिसाइल  हमारे डिफेंस कॉरिडोर में बनी हुई है। इस धरती पर बने हथियारों से भारतीय सेना दुश्मन के दांतों को खट्टा करने का काम करेगी।

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  • डिफेंस कॉरिडोर क्या है ?

इस कॉरिडोर में वह सभी औद्योगिक संस्थान भी शामिल होते हैं जो कि सेना के सामानों का निर्माण करते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद यहां हथियारों से लेकर वर्दी तक के सामानों का निर्माण किया जाएगा। 

डिफेंस कॉरिडोर ( Defense Corridor )

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  • फरवरी-2018 में घोषित हुआ डिफेंस कॉरिडोर 

डिफेंस कॉरिडोर फरवरी-2018 में घोषित है. दरअसल साल 2018 में जब केंद्र सरकार अपना बजट पेश कर रही थी तो उस दौरान इस कॉरिडोर के बनाए जाने की बात कही गई थी।

डिफेंस कॉरिडोर ( Defense Corridor )

बजट के दौरान देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाए जाने की बात कही गई थी। इसमें एक कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में बनाया जारहा है, और दूसरा कॉरिडोर चेन्नई से बेंगलुरू के बीच बनाया जाना है। 

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  • उत्तर प्रदेंश के 6 जनपदों में बनेगा कॉरिडोर ?

उत्तर प्रदेश में यह कॉरिडोर अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर व लखनऊ में बनाया जाएगा। खास बात है कि इसका सबसे बड़ा हिस्सा झांसी में स्थापित होगा। कॉरिडोर के साठ फीसदी हिस्से की स्थापना झांसी में होगी। इसकी सबसे बड़ी वजह जमीन की आसानी से उपलब्धता व सस्ता होना है। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण की ओर से जमीन खरीदने का काम भी किया जा रहा है।

डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उत्पाद गोला, बारूद, तोप बंदूक आदि का निर्माण होगा। कई विदेशी कंपनियां अपनी इकाई लगाएंगी। रक्षा उपकरण बनाने के बाद यहां उनका परीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए अलग से फील्ड फायरिंग रेंज स्थापित होगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के असीम अवसर बढ़ने की संभावना है। वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से भी इस क्षेत्र को काफी फायदा मिलेगा। 

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  • 20 कंपनियों को हुआ भूमि का आवंटन

यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिरिष चंद्र वर्मा ने बताया कि 20 कंपनियों को भूमि का आवंटन किया गया है। 18 इकाइयों की रजिस्ट्री हो चुकी है। 2 इकाइयां लिंकोर डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड और पीटू लॉजिटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जल्द ही रजिस्ट्री कराई जाएगी।

अभी तक एंकर रिसर्च लैब, एलन एंड एलवन द्वारा ड्रोन निर्माण, नित्या क्रिएशंस इंडिया, जय सांई अनु ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, एमएस प्रिसिजन प्रोडक्ट्स, रॉयल सेल्स प्राइवेट लि. द्वारा प्रिसिजन कंपोनेन्ट, पीबीएम इंसूलेशन प्राइवेट लिमिटेड, दीप एक्सप्लो इक्विपमेंट प्राइवेट लि. द्वारा मैटेलिक पार्ट्स फॉर ग्रेनेड एंड एक्सप्लोसिव, कोबरा इंडस्ट्रीज द्वारा डिफेंस पैकेजिंग, श्रीधा उद्योग द्वारा एयरोस्पेस पार्ट्स, वैरीविंन डिफेंस प्राइवेट लि. द्वारा छोटे हथियार, न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लि. द्वारा यूएवीज, एडवांस्ड फायर एंड सेफ्टीज द्वारा अग्निशमन उपकरण, नवराज मेटल वर्क्स द्वारा टंगस्टन रॉड, क्रिमिसन एनर्जी एक्सपोर्ट प्राइवेट लि. द्वारा नेविगेशन डिवाइस, ट्रैसट्रिक्स ऑक्टोडायनामिक द्वारा प्रिसिजन एवं ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट, सिंडीकेट इनोवेशन इटरनेशनल लि. द्वारा स्मॉल आर्म्स एंड एमिनेशन तैयार किए जाएंगे।

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