निरंकारी मिशन का सेवा और समर्पण से सशक्त जल संरक्षण का प्रेरक संकल्प
रविवार को श्प्रोजेक्ट अमृत कार्यक्रम के तहत स्वच्छ जल, स्वच्छ मन परियोजना को साकार रूप देने के लिए मन्दाकिनी नदी पुल घाटश् को स्वच्छ करने का...
भक्ति केवल शब्दों से नही कर्मों में प्रकट हो: सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज
चित्रकूट। रविवार को श्प्रोजेक्ट अमृत कार्यक्रम के तहत स्वच्छ जल, स्वच्छ मन परियोजना को साकार रूप देने के लिए मन्दाकिनी नदी पुल घाटश् को स्वच्छ करने का कार्य प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक संत निरंकारी मिशन के सैकडों सेवादारों व श्रद्धालुओं द्वारा संचालक लोटन प्रसाद जी के मार्गदर्शन में किया गया। पुल घाट में ही शंकरलाल जी की अध्यक्षता में एक विशाल सत्संग का आयोजन भी किया गया एवं सत्संग समाप्ति के बाद प्रसाद वितरित किया गया। सफाई अभियान एवं सत्संग कार्यक्रम चित्रकूटधाम कर्वी की सभी शखाओं में किया गया। यह जानकारी मुखी शिवभवन, मीडिया सहायक सचिन श्रीवास्तव के द्वारा दी गयी है।
स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान के चौथे चरण का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में भारतवर्ष के 25 राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। यह केवल एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अदभूत समन्वय था, जो जन-जन के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए जागरूकता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चौरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में, बाबा हरदेव सिंह जी की अनेक शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट अमृत का आयोजन किया गया। यह परियोजना मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश देती है।
निःसंदेह, स्वच्छ जल, स्वच्छ मन का यह संदेश केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है, जो जल की धाराओं में निर्मलता स्थापित करने के साथ ही मन की गहराइयों में चेतना को आलोकित करता है। यही ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संतुलित सुरक्षित और शाश्वत भविष्य की आधारशिला बनाती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
