संयुक्त निरीक्षण दल ने गौशालाओं की जानी हकीकत
उप्र गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त निरीक्षण दल ने जिले की गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया...
बैठक कर अधिकारियों को व्यवस्था सुधार के दिए निर्देश
चित्रकूट। उप्र गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त निरीक्षण दल ने जिले की गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। तत्पश्चात जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई।
निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में विस्तृत विचार विमर्श किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं समयबद्ध दिशा निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर विशेष रूप से गौवंशों के स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित पोषण, गो आधारित प्राकृतिक खेती के प्रसार तथा गोबर, गोमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को विकास के केन्द्रीय बिंदु के रूप में रेखांकित किया गया। गौशालाओं में सतत हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गोचर चारागाह भूमि पर नैपियर घास की व्यापक बुवाई कराई जाए। साथ ही कृषकों को प्रति एकड़ चार हजार रुपए की सहायता एवं नैपियर की जड़ें उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में गेहूं कटाई के कारण भूसा सुलभ है। प्रत्येक गोशाला में स्वच्छ पेयजल एवं सेंधा नमक के लिक ब्रिक्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे पशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार हो।
संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा निर्देशित किया गया कि गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए इसे केवल पशुपालन तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती, ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए एक समग्र एवं टिकाऊ विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। संयुक्त निरीक्षण दल में श्याम बिहारी गुप्त अध्यक्ष उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग, रमाकांत उपाध्याय सदस्य आदि मौजूद रहे।
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