सहकारिता की अपार संभावनाओं पर डाला प्रकाश
गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में इण्डियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंसेस रिसर्च नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित...
जीटीडीसी में राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ समापन
चित्रकूट। गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में इण्डियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंसेस रिसर्च नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन के अंतिम तकनीकि सत्र का शुभारम्भ जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति डा शिविर कुमार पांडेय एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजेश कुमार पाल ने किया। इसके पूर्व प्रथम एवं द्वितीय तकनीकि सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ बृजेन्द्र, विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ ओंकारनाथ मिश्र, डॉ जय प्रकाश सिंह व डॉ अनिरुद्ध गोयल उपस्थित रहे।
सहकारिता की चर्चा करते हुए कुलपति ने कहा कि सहकारिता का उद्देश्य ही आर्थिक शक्ति के केंद्रीकरण की रोकथाम, उत्पादक संसाधनों के स्वामित्व का व्यापक वितरण, विकास कार्यक्रमों में लोगों की सक्रिय भागीदारी, गरीबी और बेरोजगारी का उन्मूलन है। इस प्रकार सहकारिता समाज के प्रबुद्ध वर्ग से लेकर अन्तिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ जय प्रकाश सिंह ने सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि बेरोजगारी एवं गरीबी दूर करने तथा समाज को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को सहकारिता के समान कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में मंचासीन डॉ ओंकारनाथ मिश्र ने सहकारिता की अवधारणा, उसके ऐतिहासिक विकास, वर्तमान परिदृश्य तथा भविष्य की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सहकारिता को न केवल आर्थिक व्यवस्था के रूप में नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास के सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजेश कुमार पाल ने संगोष्ठी के समापन अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के लगभग सभी प्रदेशों में सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से समाज का लगातार आर्थिक विकास हो रहा है। संगोष्ठी का संचालन डॉ वंशगोपाल एवं डॉ सीमा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। ऑनलाइन प्लेटफार्म में संगोष्ठी का प्रसारण संयोजन डॉ सिद्धान्त चतुर्वेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ संदीप कुमार, डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ अतुल कुमार कुशवाहा, डॉ अजय सिंह, डॉ धर्मेन्द्र सिंह, डॉ नीरज गुप्ता, डॉ गौरव पाण्डेय, डॉ रचित जायसवाल, बलवन्त सिंह राजोदिया सहित शोध छात्र, अकादमिक रिसोर्स पर्सन तथा छात्र, छात्राएं उपस्थित रहे।
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