आईजीआरएस रैंकिंग सुधारने के लिए डीएम सख्त

डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में जूम मीटिंग के माध्यम से कैंप कार्यालय में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली की उच्च स्तरीय समीक्षा...

May 18, 2026 - 11:15
May 18, 2026 - 11:16
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आईजीआरएस रैंकिंग सुधारने के लिए डीएम सख्त

समय से तीन दिन पूर्व गुणवत्तापूर्ण आख्या लगाने के निर्देश, डिफॉल्टर होने पर रुकेगा वेतन

आवेदक की उपस्थिति में होगी जांच, ली जाएगी फोटो, संपर्क न होने पर वैकल्पिक नंबरों का करें प्रयोग

खराब प्रगति पर एडीओ पंचायत पहाड़ी और कर्वी, मऊ का वेतन रोकने के आदेश

चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में जूम मीटिंग के माध्यम से कैंप कार्यालय में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिसमें शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले विभागों और अधिकारियों के प्रति अत्यधिक कड़ा रुख अपनाया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि अंतिम समय (डेडलाइन के अंत में) आख्या लगाने की प्रवृत्ति के कारण जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा से ’तीन दिन पूर्व ही गुणवत्तापूर्ण आख्या’ पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सचेत किया कि असंतुष्ट और नकारात्मक फीडबैक के कारण जनपद की ग्रेडिंग गिरती है, जिसे हर हाल में रोका जाए। शिकायतों के शत प्रतिशत और पारदर्शी निस्तारण के लिए निर्देश जारी किए गए। जांच अधिकारी प्रार्थी के मोबाइल नंबर पर अनिवार्य रूप से संपर्क करें। कॉल न मिलने की स्थिति में कुछ समय अंतराल के बाद पुनः प्रयास करें अथवा वैकल्पिक नंबरों का उपयोग करें। शिकायतों की जांच अनिवार्य रूप से आवेदक की उपस्थिति में की जाए। स्थलीय निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता के लिए मौके की फोटोग्राफी भी कराई जाए। जिन विभागों की रैंकिंग वर्तमान में 80 प्रतिशत है वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर इसे तत्काल 90 प्रतिशत से ऊपर ले जाएं। लक्ष्य प्राप्त न करने वाले संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है। समीक्षा के दौरान नकारात्मक फीडबैक और खराब प्रगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से ’एडीओ पंचायत पहाड़ी तथा कर्वी, मऊ का इस माह का वेतन रोकने के आदेश किए।

डीएम ने अपर जिलाधिकारी विरा को निर्देशित किया कि अंतिम दिनों में डिफॉल्टर की श्रेणी में आने वाले अधिकारियों को दैनिक आधार पर कार्यालय में तलब कर समीक्षा की जाए। वहीं, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन नकारात्मक फीडबैक की रिपोर्ट जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी के पटल पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे स्वप्निल कुमार यादव, उप जिलाधिकारी न्यायिक सौरभ यादव सहित समस्त संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

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