सभी धर्मग्रंथो, समुदायों और पंथों ने किया सत्य का आदर : पाराशर
श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास श्याम सुंदर पाराशर महाराज ने कहा कि किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व मंगलाचरण किया जाता है...
श्रीमद भागवत कथा का कराया रसपान
चित्रकूट। श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास श्याम सुंदर पाराशर महाराज ने कहा कि किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व मंगलाचरण किया जाता है। जिसमें मंगल में प्रभु के नाम का स्मरण किया जाता है, क्योंकि संसार में केवल भगवान नाम ही मंगलमय है। श्रीमद् भागवत कथा में मंगलाचरण में सुखदेव जी महाराज ने सत्य की वंदना की है। सभी धर्म ग्रंथो में सभी समुदायों में और सभी पंथों में सत्य का आदर किया गया है। हर व्यक्ति अपने लिए सत्य की परिकल्पना करता है। चोरी करने वाले चोर जब आपस में बटवारा करते हैं तो वह चाहते हैं सत्यता के साथ ही बटवारा हो। इसलिए सब जगह सत्य की महिमा है। आगे कथा में महाभारत की कथा का वर्णन करते हुए कुंती महारानी की स्तुति का वर्णन किया। जिसमें कुंती ने भगवान से वरदान के रूप में विपत्ति मांगी क्योंकि उन्होंने कहा जिस विपत्ति में महाराज का चरण बना रहे वह विपत्ति परम श्रेष्ठ है क्योंकि हर व्यक्ति सुख प्राप्त करते ही ठाकुर जी को भूल जाता है। जब कष्ट आता है तभी भगवान याद आते हैं। सुखदेव जी के जन्म की कथा का वर्णन किया। कथा के पश्चात आरती पूजा की गई। इस मौके पर डीसीबी अध्यक्ष पंकज अगवाल, विवेक अगवाल, डॉ सन्तोष मिश्र, राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया, मनोज दिवेदी आदि श्रोतागण मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
