चित्रकूट में समेकित ग्रामीण विकास की बड़ी पहल, पाँच कोर कार्यक्रमों की शुरुआत

ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तुलसीदास शिक्षा एवं विकास समिति शोध संस्थान...

Feb 23, 2026 - 10:38
Feb 23, 2026 - 10:39
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चित्रकूट में समेकित ग्रामीण विकास की बड़ी पहल, पाँच कोर कार्यक्रमों की शुरुआत

वर्ष 2026-27 हेतु नई समिति गठित, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को मिली गति

चित्रकूट। ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तुलसीदास शिक्षा एवं विकास समिति शोध संस्थान, चित्रकूट द्वारा दिनांक 22 फरवरी 2026 को संस्था के कार्यालय (लोधवारा मोड़ के पास) में बोर्ड बैठक एवं समेकित विकास समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। 

बैठक में वर्ष 2026–27 के लिए नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया और सर्वसम्मति से संस्था के पाँचों प्रमुख कोर कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की गई।

 संस्था द्वारा संचालित “उड़ान” के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है। “संजीवनी” कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, पोषण जागरूकता एवं वृद्धजन सहायता कार्य नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे। “सखी” पहल के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ़ कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। “सशक्त ग्राम” के तहत जल संरक्षण, स्वच्छता एवं ग्राम स्तरीय विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जबकि “अन्नदाता” कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को किसान उत्पादक संगठन (FPO) से जोड़कर सामूहिक विपणन, मूल्य संवर्धन एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा।

नई कार्यकारिणी में संस्था के अध्यक्ष श्री राम नरेश गुप्ता, उपाध्यक्ष संतोष कुमार कसेरा , सचिव चंद्र प्रकाश, द्विवेदी, कोषाध्यक्ष पुष्पा देवी, सहित समिति के सदस्य  आत्मा प्रकाश  उपाध्याय , हरे श्याम मिश्रा,  मनेन्द्र सिंह, रवि सिंह बघेल , तृप्ति तिवारी, अशोक द्विवेदी, संतोष तिवारी की चुनाव कार्यवाही कर  सर्वम्मति से बनाया गया तथा अन्य  साधारण सभा क़े दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान CSR सहयोग प्राप्त करने, ग्राम स्तर पर विस्तार अभियान चलाने तथा युवाओं, महिलाओं और किसानों को संगठित करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।  संस्था क़े सभी पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था वर्ष 2026–27 को “ग्रामीण सशक्तिकरण वर्ष” के रूप में कार्यान्वित करेगी और प्रत्येक कार्यक्रम को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
अंत में उपस्थित सदस्यों ने “सशक्त ग्राम – समृद्ध समाज – आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को दोहराते हुए ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का प्रण लिया।

कार्यक्रम से गीता देवी, फूला देवी डॉक्टर सतीश मिश्रा, राजा राम, मोनू करवरिया, कुलदीप कुमार आदि उपस्थित रहे ।

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