नए सर्किल रेट से अधिग्रहीत हों किसानों की भूमि : विधायक
उद्योग समिति की बैठक पिकअप भवन लखनऊ में मुख्य अतिथि औद्योगिक मंत्री नन्द गोपाल नन्दी...

उद्योग समिति की बैठक में उठाए कई अहम मुद्दे
चित्रकूट। उद्योग समिति की बैठक पिकअप भवन लखनऊ में मुख्य अतिथि औद्योगिक मंत्री नन्द गोपाल नन्दी गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें सपा के सदर विधायक एवं मंत्री परामर्श स्थायी समिति उद्योग अनिल प्रधान ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे, डिफेन्स कॉरीडोर, राम पथ गमन, पटेल तिराहा से देवांगना फोर लेन रोड़ आदि कार्यों में किसानों की जमीनों का मुआवजा पुराने सर्किल रेट से देने एवं जनपद में वर्ष 2020 से सर्किल रेट पुनरीक्षण न किये जाने के साथ ही बरगढ़ की ग्लास फैक्ट्री को चालू कराये जाने का मुद्दा उठाया। कहा कि बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए रोजगार के संसाधन व फैक्ट्री स्थापित कराये जाना जरूरी है। कहा कि मण्डल के शेष तीनों जिलों में 2020 की तुलना में पुनरीक्षण वर्ष 2023 तक में 28 प्रतिशत से 33 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यदि चित्रकूट में भी नियमानुसार दरों को पुनरीक्षित किया जाये तो वर्ष 2024 में 40 प्रतिशत से 44 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। पुरानी दरों के चार गुने पर किसानों से भूमि क्रय की जाती है तो किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य से भी कम दाम मिलेंगे जो कि न्यायोचित नहीं है। साथ ही तहसील राजापुर अन्तर्गत ग्राम पंचायत नोनार, पथरामानी, बक्टा बुजुर्ग, प्रसिद्धपुर आदि कई गांवों में डिफेन्स कॉरीडोर के अन्तर्गत लगभग 500 हेक्टेयर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जिसमें सरकार द्वारा विगत पांच वर्ष पहले निर्धारित सर्किल रेट दस लाख हेे. है जो अभी भी वही सर्किल रेट है। जिसके आधार पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिससे किसानों की बहुत बड़ी क्षति हो रही है।
विधायक ने कहा कि जनपद के बरगढ़ में वर्ष 1988 में अरबों रूपये की लागत से बनने वाली ग्लास फैक्ट्री का शिलान्यास किया गया था जो वर्ष 1990 से लगभग बंद पड़ी है। इस समय कबाड़ में तब्दील हो चुकी है। इस ग्लास फैक्ट्री के चालू होने से क्षेत्र व जिले के हजारों बेरोजगार नवयुवक व युवतियों को रोजगार मिल सकता है। कहा कि उन्होंने शासन को ग्लास फैक्ट्री को चालू कराने के सन्दर्भ में कई बार अवगत भी कराया जा चुका है। जिसमें अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है। यदि ग्लास फैक्ट्री समय से चालू हो गई होती तो यहां के युवक रोजगारपरक होते और जनपद से पलायन रुकता। इन मुद्दो पर मंत्री ने प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
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